महिला टीम ने लॉन बॉल्स में रचा इतिहास, पहली बार जीता गोल्ड , वेटलिफ्टिंग के अलावा किसी अन्य स्पर्धा में पहला स्वर्ण

महिला टीम ने लॉन बॉल्स में रचा इतिहास, पहली बार जीता गोल्ड , वेटलिफ्टिंग के अलावा किसी अन्य स्पर्धा में पहला स्वर्ण
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बर्मिंघम (एजेंसी)। भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ गेम्स के महिला फोर्स (चार खिलाडिय़ों की टीम) स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 17-10 से हरात हुए गोल्ड मेडल जीता। यह इस इवेंट में भारत का पहला गोल्ड है और भारतीय महिलाओं ने इस अंजान खेल में परचम लहराते हुए भारत को चौथा गोल्ड दिलाया। उसने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को 16-13 से हराया था।

भारतीय टीम पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में महिला फोर्स प्रारूप के फाइनल में पहुंची थी। लवली चौबे (लीड), पिंकी (सेकेंड), नयनमोनी सेकिया (थर्ड) और रूपा रानी टिर्की (स्किप) की भारतीय महिला फोर्स टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। प्रतियोगिता की महिला फोर स्पर्धा में भारत पहली बार उतरा था। भारतीय दल का यह चौथा स्वर्ण है और भारोत्तोलन के अलावा किसी स्पर्धा में पहला स्वर्ण भी है। एक समय भारतीय टीम 8 . 2 से आगे थी लेकिन थाबेलो मुहांगो (लीड), ब्रिगेट कालित्ज (सेकंड), एस्मी क्रगर (थर्ड) और जोहाना स्नीमैन (स्किप) ने 8. 8 से बराबरी कर ली। भारतीय खिलाडिय़ों ने संयम बरकरार रखते हुए आखिरी तीन दौर जीते।

खिताबी मुकाबले में पहुंचने के बाद भावुक रूपा रानी ने कहा था, ‘हम सिर्फ शब्दों में अपने अहसास को बयां नहीं कर सकते। हमने एक टीम के रूप में चुनौती दी और हमारा सफर यहीं खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा था, हमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी इसी तरह का खेल दिखाना होगा और वह करना होगा जो हमने पहले कभी नहीं किया। दूसरी ओर, रांची में अभ्यास के दौरान धोनी भी कभी कभार मैदान पर आते हैं और लवली का कहना है कि उन्हें लॉनबॉल के बारे में काफी जानकारी है। उन्होंने कहा, धोनी सर रांची में हमारे कोच को जानते हैं और दो बार मैदान पर भी आए हैं। जब वह देवरी माता के मंदिर जाते हैं तो हमारे मैदान पर भी आते हैं। उन्होंने कहा था कि जब वह ऑस्ट्रेलिया जाते हैं तो लॉन बॉल खेलते हैं।


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