ऑपरेशन गंगा में पड़ोसियों की भी मदद करेंगे- आज यूक्रेन राहत सामग्री भी भेजेंगे

छात्रों की वतन वापसी के लिए 'ऑपरेशन गंगा' - रोमानिया से भारत लौटे 219 छात्र
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)।  यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिक व स्टूडेंट्स को निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार शाम को शुरू हुई हाई लेवल मीटिंग खत्म हो गई है। यूक्रेन संकट पर एक ही दिन में आयोजित इस दूसरी हाई लेवल मीटिंग में पीएम मोदी ने अधिकारियों को फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी पक्का करने को कहा है। इसके लिए ऑपरेशन गंगा के तहत उन्हें राउंड द क्लॉक काम करने के निर्देश दिए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि मीटिंग में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, हृस््र अजीत डोभाल, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी, किरण रिजिजू , ज्योतिरादित्य सिंधिया और जनरल वीके सिंह मौजूद रहे। पीएम ने कहा, यूक्रेन से सटे देशों में रवाना हो रहे चारों केंद्रीय मंत्री वहां भारत के विशेष राजदूत की भूमिका में रहेंगे। उन्होंने बताया कि मीटिंग में यूक्रेन बॉर्डर पर राहत सामग्री की पहली खेप मंगलवार को रवाना कर दी जाएगी।

‘वसुधैव कुटुंबकम’ के तहत पड़ोसी देशों की भी मदद करेगा भारत

बागची के मुताबिक, बैठक में पीएम मोदी ने भारत के मूलमंत्र ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरा विश्व एक ही परिवार) के तहत अपने पड़ोसी देशों और उन अन्य विकासशील देशों की भी मदद करने का निर्देश दिया है, जिनके नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं।

वीके सिंह ने कहा- मंगल ग्रह पर भी होंगे तो हम मदद करेंगे

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिजन को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि भले ही आप मंगल ग्रह पर भी फंसे होंगे तो हम आपकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय सरकार की यही सोच है। प्रधानमंत्री को सोच दूरदर्शी है। यही कारण है कि उन्होंने भारत के चार मंत्रियों को यूक्रेन की सीमा से लगे देशों में भेजने का निर्णय किया है।

जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री से बात की

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने पोलैंड के विदेश मामलों के मंत्री के साथ यूक्रेन के घटनाक्रम पर चर्चा की। उन्होंने आगे कहा कि हम यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने के लिए पोलैंड की मदद की सराहना करते हैं। इस बीच भारत में रूस के दूतावास ने भारतीय मीडिया से कहा है कि वह यूक्रेन और रूस की रिपोर्टिंग में संयम बरते, ताकि सही जानकारी भारतीय लोगों तक पहुंच सके।

फंसे छात्रों के लिए कोरोना नियमों में छूट

सरकार ने यूक्रेन से निकाले जा रहे छात्रों के लिए कोविड नियमों में छूट दे दी है। इसके तहत फ्लाइट में बैठने से पहले आरटी-पीसीआर निगेटिव होने की शर्त को हटा लिया गया है। कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट नहीं देना होगा। इसके अलावा एयर सुविधा पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड भी नहीं करने होंगे। जो छात्र कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें 14 दिन सेल्फ क्वारैंटीन रहना होगा।

छठवीं से पहुंचे 240 लोग, नकवी ने किया स्वागत

इस बीच सोमवार शाम यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट्स को लेकर छठवीं फ्लाइट बुडापेस्ट, हंगरी से नई दिल्ली आ गई। इसमें 240 लोग सकुशल देश पहुंच चुके हैं। इनके सहित अब तक 1436 भारतीयों को यूक्रेन से भारत लाया जा चुका है। छठवीं फ्लाइट से पहुंचे छात्रों का स्वागत करने के लिए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के अनुसार ताजा एडवाजरी जारी करने के बाद लगभग 8,000 भारतीय नागरिक यूक्रेन छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार यूक्रेन की सहायत के लिए दवाएं और मानवीय सहायता भेजेगी। 249 छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों को लेकर एयर इंडिया की 5वीं फ्लाइट सोमवार सुबह दिल्ली पहुंची थी। रोमानिया के बुखारेस्ट से आई एयर इंडिया की फ्लाइट ने सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया। सोमवार को यूक्रेन से दो फ्लाइट पहुंची है।


Share