जो भूखण्ड UIT से मिले वो कहां हैं उनकी जांच करवाएंगे : महापौर

जो भूखण्ड यूआईटी से मिले वो कहां हैं उनकी जांच करवाएंगे : महापौर
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प्रन्यास सचिव हसीजा ने कहा : 272 भूखण्ड की लिस्ट रजनी डांगी के कार्यकाल में सुपुर्द की थी

उदयपुर. नगर संवाददाता & नगर निगम के महापौर ने कहा कि जो भूखण्ड कॉलोनियों के हस्तान्तरण के दौरान यूआईटी से निगम को मिले है वे कहां पर इसकी जांच करवाई जाएगी और इसके बाद कठोर कार्यवाही की जाएगी। करीब 500 करोड़ रूपए के भूखण्ड जो यूआईटी से निगम को मिले है उनका किसी को पता नहीं है कि वे कहां पर और कौन-कौन कब्जा कर बैठा है।

बुधवार को यूआईटी में बैठक के दौरान पार्षद अजय पोरवाल ने मामला उठाया था कि यूआईटी ने जो कॉलोनिया निगम को हस्तान्तरित की थी उस दौरान इन कॉलोनियों में कई यूआईटी के भूखण्ड थे क्या वे भी निगम को हस्तान्तरित हो गए थे। इस पर सचिव अरूण कुमार हासिजा ने कहा था कि कॉलोनी के साथ भूखण्ड भी दे दिए थे तेा पोरवाल ने कहा था कि लेकिन निगम के अधिकारियों को इनकी जानकारी नहीं है और इन भूखण्डों की किमत करीब 500 करोड़ से अधिक है। हासिजा ने कहा था कि करीब 272 भूखण्ड की लिस्ट रजनी डांगी के कार्यकाल में सुपुर्द की थी, जिनका पता नहीं चल पा रहा है। इस पर गुरूवार को पत्रकार वार्ता में महापौर जीएस टांक ने कहा कि इन भूखण्डों की जांच करवाई जा रही है। इन पर वर्तमान में किस का कब्जा है और कौन इनका उपयोग कर रहा है। उप महापौर ने भी कहा कि लिस्ट निकलवाकर पूरी जांच करवाई जाएगी।

निगम की सड़कें सानिवि को देना सरकार की पॉलिसी

इस मौके पर निगम की 24 सड़कों पर सड़क बनाने का काम सरकार द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग को देने पर निगम के अभियंताओं पर उठे सवाल पर महापौर टांक ने कहा कि ये सरकार की पॉलिसी है कि वे सड़कें सार्वजनिक निर्माण विभाग बनाएगा। उप महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि भले ही ये सड़कें सार्वजनिक निर्माण विभाग बनाएंगा पर उसकी मॉनिटरिंग निगम करेगा।

रोड़ लाईटें सरकार के कारण बंद, पर दोष निगम को

निगम के वर्तमान बोर्ड को दो वर्ष पूर्ण होने पर महापौर जीएस टांक और उप महापौर पारस सिंघवी ने अपनी दो वर्ष की उपलब्धियां गिनाई। इस मौके पर महापौर ने कहा कि शहर में पहली बार हो रहे निर्माण को चैक किया जा रहा है और गड़बड़ होने पर तोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही समस्याओं के बारे में पूछे जाने पर उप महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि कई समस्याएं भी है, जिन्हें दूर किया जा रहा है। रोड़ लाईटों के बारे में पूछने पर उप महापौर ने कहा कि राज्य सरकार ने जिन दो कंपनियों को रोड़ लाईटों का टेण्डर दे रखा है उन्हें पेमेंट नहीं किया गया तो उन्होंने काम करना बंद कर दिया, जिसका दोष आज शहर की जनता निगम को दे रही है। सरकार को चाहिए कि वे कंपनियों को पेमेंट कर दें, ताकी इस समस्या का निस्तारण हो सकें।

पार्षद और अधिवक्ता ने मांगी भूखण्डों की सूची

इधर गुरूवार को निगम के सहवृत पार्षद अजय पोरवाल और अधिवक्ता अशोक सिंघवी ने यूआईटी में जाकर सचिव से जो भी भूखण्ड निगम को दिए है उनकी सूची मांगी है ताकी इनका भौतिक सत्यापन कर यह पता लगाया जा सकते कि इनकी वर्तमान स्थिति क्या है। सचिव ने भी शीघ्र ही सूची देने का आश्वासन दिया है।


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