तीसरी लहर की चपेट में बच्चे आ गए तो मां-बाप क्या करेंगे ?

फाइजर का कोरोना टीका 95% असरकारक
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नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को केंद्र से वह सवाल पूछा जो सवाल आज हर मां-बाप को डरा रहा है। कोरोना से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि कई वैज्ञानिकों की रिपोर्ट है कि थर्ड फेस शुरू हो सकता है अगर बच्चे इनफेक्ट होते है तो मां बाप कैसे क्या करेंगे, अस्पताल में रहेंगे या क्या करेंगे। क्या प्लान है, टीकाकरण किया जाना चाहिए, हमें इसके साथ निपटने की जरूरत है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे नहीं कि केंद्र की गलती है, हम चाहते है कि वैज्ञानिक ढंग से नियोजित ढंग से तीसरे वेव से निपटने की जरूरत है।

केंद्र से पूछा, आपके पास क्या प्लान है?

जस्टिस शाह ने कहा कि अभी हम दिल्ली को देख रहे लेकिन ग्रामीण इलाकों का क्या, जहां ज़्यादातर लोग झेल रहे हैं, आपको एक राष्ट्रीय नीति बनाने की जरूरत है, आप सिर्फ आज की स्थिति को देख रहे हैं लेकिन हम भविष्य को देख रहे है उसके लिए आपके पास क्या प्लान है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप महामारी के चरण 2 में हैं, दूसरे चरण में भी कई मापदंड हो सकते हैं, लेकिन, अगर हम आज तैयार करते हैं, तो हम चरण 3 को संभाल सकेंगे।

स्वामी ने बच्चों के प्रभावित होने की बात कही

इससे पहले भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर एक दावा कर सनसनी फैला दी। स्वामी ने दावा किया है कि देश में जब कोविड की तीसरी लहर आएगी तो इसमें बच्चे भी प्रभावित होंगे। स्वामी ने ट्वीट करते यह बात कही है। प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़े-पढ़ा चुके स्वामी को एक चिंतनशील नेता के तौर पर जाना जाता है। ऐसे में बिना किसी रिसर्च या स्टडी का जिक्र किए उनके व्यक्तिगत तथ्यों के आधार पर कही गई इस बात से देश में व्यापक स्तर पर लोगों में डर का माहौल पैदा होने की आशंका है। लोग कोरोना की दो लहरों की तबाही से पहले ही परेशान हैं।

सरकार की तरफ से भी तीसरी लहर की चेतावनी

मोदी सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. राघवन ने बुधवार को बताया कि कोरोना की तीसरी वेव निश्चित तौर पर आएगी इसलिए सरकार को इसके लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह वायरस बढ़ रहा है, उसे देखते हुए कोरोना की तीसरी लहर को कोई नहीं रोक सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कब आएगी और कैसे तथा किसे इफेक्ट करेगी, इस बारे में अभी से कुछ नहीं कहा जा सकता।


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