‘भाजपा ऑफिस में पुलिस घुसी तो क्या बीतेगी’, हिंदुत्व के नाम पर भड़का रहे हैं, लोग भड़क रहे हैं : गहलोत

- गहलोत के मंत्री जाट बोले-  शेखावत-पायलट के लिए निकम्मा शब्द सही
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राहुल गांधी से ईडी पूछताछ का विरोध कर रहे कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और कांग्रेस मुख्यालय में पुलिस घुसने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने भाजपा पर तंज कसते हुए संकेत दिए कि अगर राजस्थान भाजपा दफ्तर में पुलिस घुस जाए तो क्या बीतेगी? दिल्ली में मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा- राजस्थान में हमारी सरकार है, भाजपा वाले राजस्थान में आंदोलन करें, तो क्या हम वो ही व्यवहार करें जो इन्होंने हमारे साथ किया। एआईसीसी का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए, मीडियावालों को और वर्कर्स को पीटकर बाहर निकाल दिया। राजस्थान में आज हम लोग सरकार में है, भाजपा अगर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रही है, धरना दे रही है, प्रदर्शन कर रही है, तो करे वो डेमोक्रेसी है। तो क्या हम ऐसा ही व्यवहार करें वहां पर, तो इन पर क्या बीतेगी? गहलोत ने कहा, ये जेपी नड्डा जी को सोचना चाहिए। राजस्थान के जितने भी तथाकथित नेता हैं, उनको यहां मैसेज देना चाहिए कि एआईसीसी में पुलिस भेजकर आपने बहुत गलत काम किया है।

हिंदुत्व के नाम पर ये भड़का रहे हैं और लोग भड़क रहे

गहलोत ने कहा, हिंदुत्व के नाम पर भड़का रहे हैं और लोग भड़क रहे हैं और इनको सत्ता में ला रहे हैं, चुनाव जीत रहे हैं ये लोग। अरे कोई बात नहीं जीत गए आप, तो जो आज तक का जो है कांग्रेस का, उसके कारण आप जीते हो, अगर आज कांग्रेस 70 साल तक डेमोक्रेसी को कायम नहीं रखती, तो आप कैसे प्रधानमंत्री बनते?

ईडी का नोटिस देते शर्म आनी चाहिए

गहलोत ने कहा- हालात बड़े गंभीर हैं और ये भी टाइम निकल जाएगा, इनको मुंह की खानी पड़ेगी, कुछ नहीं होने वाला है। अभी प्र.म. मोदी और अमित शाह के नजदीकी मित्र और सलाहकार इन्हें सही सलाह नहीं दे रहे हैं। वे सलाह देते हुए घबराते होंगे कि पता नहीं प्रधानमंत्री जी नाराज हो जाएंगे। सोनिया गांधी जैसी नेता जिसने प्रधानमंत्री का पद नहीं लिया उन्हें ईडी का नोटिस दिलवा दिया। प्रधानमंत्री नहीं बनने और बनने में रात-दिन का फर्क होता है, प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया जिस महान नेता ने, उनको आपने नोटिस दिलवा दिया ईडी का? थोड़ी बहुत तो एजेंसी वालों को शर्म आनी चाहिए थी। वो कह सकते थे कि भई आप क्या करवा रहे हो हम लोगों से? पर कर दिया दबाव में क्योंकि उनको नौकरी करनी है बेचारों को।


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