जिसका डर था वही हुआ- दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर शुरू

केरल-महाराष्ट्र में कोरोना के 70% एक्टिव केस
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जिनेवा/नई दिल्ली (एजेंसी)। वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने दुनिया में थर्ड वेव शुरू होने का ऐलान कर दिया है। संगठन के चीफ डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने बुधवार को देशों को चेतावनी दी कि वे कोरोना की तीसरी लहर के शुरूआती फेज में आ चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि सिर्फ वैक्सीन से महामारी नहीं रोकी जा सकेगी। देशों को इससे निपटने के लिए लगातार सावधानी रखनी होगी। कई देशों ने दिखाया भी है कि इस वायरस को रोका जा सकता है।

इधर, भारत में भी इसका खतरा करीब दिखाई दे रहा है। एक विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने आगाह किया है कि डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते मामलों और वायरस के म्यूटेट होने से देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जल्द ही सच में बदल सकती है।

10 हफ्ते की गिरावट के बाद मौतें फिर बढ़ीं

यूएन न्यूज के मुताबिक, हेल्थ एक्सपर्ट ने कोरोना के मामलों और मौतों में हाल में हुई बढ़ोतरी पर अलार्म बजाया है। यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में वैक्सीनेशन कवरेज बढऩे से इनमें गिरावट आई थी। यूनाइटेड नेशंस की मीडिया विंग का कहना है कि दुनिया भर में लगातार चौथे हफ्ते कोरोना के मामलों में बढ़त दर्ज की गई है। 10 हफ्ते की गिरावट के बाद मौतें भी दोबारा बढऩे लगी हैं।डब्लूएचओ चीफ ने कहा कि वायरस लगातार खुद में बदलाव कर रहा है। इसके साथ ही यह ज्यादा संक्रामक होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि डेल्टा वैरिएंट अब डब्लूएचओ के सभी 6 रीजन और 111 से ज्यादा देशों में पहुंच चुका है। यह जल्द ही पूरी दुनिया में भी फैल सकता है। वायरस का अल्फा वैरिएंट 178 देशों में, बीटा 123 देशों में और गामा 75 देशों में मिल चुका है।

अमेरिका में 67′, स्पेन में 61′ मामले बढ़े

दुनिया में सबसे ज्यादा नए केस ब्राजील में मिल रहे हैं। बीते 24 घंटों में इनकी संख्या 57 हजार से ज्यादा रही। पिछले हफ्ते यहां 3.49 लाख केस मिले। हालांकि यहां नए मामलों में 14′ की गिरावट आई है। इसी दौरान इंडोनेशिया में 45′, ब्रिटेन में 28′, अमेरिका में 67′, स्पेन में 61′ तक मामले बढ़े हैं।

साउथ ईस्ट एशिया रीजन में मौतों के मामले में भारत सबसे आगे है। यहां 6 हजार नई मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद इंडानेशिया और बांग्लादेश हैं।

डेल्टा वैरिएंट की वजह से भारत भी इसके करीब – भारत में पाबंदियों में छूट से जोखिम बढ़ा

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया की चीफ इकोनॉमिस्ट तन्वी गुप्ता जैन ने कहा है कि कई राज्य पाबंदियों में ढील दे रहे हैं, बाजार खुल रहे हैं, इस वजह से तीसरी लहर का जोखिम और ज्यादा हो गया है। देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार भी धीमी पडऩे लगी है। यूबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भारत में औसतन 40 लाख डोज हर दिन लगाए जा रहे थे। अब यह संख्या 34 लाख तक आ गई है। यह स्थिति इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि अब 45′ केस ग्रामीण इलाकों में सामने आ रहे हैं।


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