तमिलनाडु में यह कैसी सियासी जंग

तमिलनाडु में यह कैसी सियासी जंग
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भाई की भाई को चुनौती, कभी नहीं बनने दूंगा सीएम …

मदुरै (एजेंसी)। डीएमके से निष्कासित नेता एमके अलागिरी ने मदुरै में रोड शो के दौरान राजनीति में वापसी के संकेत दिए। इस दौरान उनके समर्थकों ने ‘अंजा नेंजम’ यानी बहादुर दिल के नारे लगाए। अलागिरी ने डीएमके अध्यक्ष और अपने भाई एमके स्टालिन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्टालिन कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। वह और उनके समर्थक ऐसा होने नहीं देंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और एम करूणानिधि के बड़े बेटे अलागिरी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले अपने आगे के ऐक्शन को लेकर बैठक कर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे और उनके समर्थकों को फैसला स्वीकार करना चाहिए। अलागिरी ने कहा, मुझे आज तक नहीं पता कि मैंने ऐसा क्या गलत किया था जो डीएमके से मुझे निकाला गया। स्टालिन ने मुझे धोखा दिया।

‘मैं कभी किसी पद के लिए लालायित नहीं था’

स्टालिन पर अपने आगे बढऩे से ईष्र्यालु होने का आरोप लगाते हुए अलागिरी ने कहा, मुझे नहीं पता कि मेरे साथ धोखा क्यों किया गया। अलागिरी ने कहा, मैं सिर्फ पार्टी का कैडर बने रहना चाहता था और कभी किसी पद के लिए लालायित नहीं रहा। हमने मदुरै को डीएमके के गढ़ में बदला जो कभी एमजीआर का गढ़ हुआ करता था।

स्टालिन की करूणानिधि से तुलना पर यह बोले अलागिरी

अलागिरी ने अपने भाई पर निशाना साधते हुए कहा, यहां के पोस्टरों में हमेशा आपको भविष्य का सीएम बताया जा रहा है लेकिन ऐसा होने नहीं वाला है। मेरे समर्थक कभी आपको सीएम नहीं बनने देंगे। करूणानिधि से स्टालिन की तुलना पर अलागिरी बोले, डीएमके के एक जिला सचिव ने बताया कि स्टालिन ने कलैंगर से अच्छा काम किया है। मुझे यह सुनकर शर्म महसूस हुई। वे लोग स्टालिन की तुलना कलैंगर से कैसे कर सकते हैं?

‘स्टालिन, मारन ने मुझसे आग्रह किया’

अलागिरी ने आगे कहा कि वह कभी थिरूमंगलम उपचुनाव पर काम नहीं करना चाहते थे क्योंकि वह अपने परिवार से नाराज थे। अलागिरी ने कहा, लेकिन स्टालिन, दयानिधि मारन और दूसरे नेता मुझसे मिले और मुझे जिम्मेदारी लेने को कहा। कलैंगर मुझे हर घंटे कॉल करते रहे। मैंने जिम्मेदारी ली और पार्टी को उपचुनाव में 40,000 वोटों के अंतर से जिताया।

‘मैं सात सात तक चुप रहा, अब फैसला लूंगा’

अलागिरी ने दावा कि वह कई मौके पर डीएमके को बचा चुके जबकि स्टालिन ने पार्टी में पद की चाह में उनका इस्तेमाल किया। अलागिरी रोड शो के दौरान बोले, मैं 7 साल तक चुप रहा। मेरे समर्थक चाहते हैं कि मैं नई पार्टी बनाऊं। मैं जल्द ही फैसला लूंगा। लेकिन मैं जो भी फैसला लूंगा मैं चाहता कि आप लोग उसे स्वीकार करेंगे।


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