पश्चिम क्षेत्र ने जीती दलीप ट्रॉफी

West Zone won the Duleep Trophy
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कोयंबटूर (एजेंसी)। पश्चिम क्षेत्र ने यशस्वी जायसवाल (265) के दोहरे शतक और जयदेव उनडकट (6 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण क्षेत्र को 294 रन से हराकर रविवार को दलीप ट्रॉफी खिताब जीत लिया।

पश्चिम ने दक्षिण को 529 रन का लक्ष्य दिया था, जिसके जवाब में दक्षिण 234 रन पर ऑलआउट हो गयी।

रवि तेजा और साई किशोर ने पांचवें दिन दक्षिण की पारी को 154/6 से आगे बढ़ाते हुए सराहनीय संघर्ष किया। दोनों ने पहले एक घंटे में 49 रन जोड़े, लेकिन ङ्क्षड्रक ब्रेक के बाद साई किशोर (7) का विकेट गिरते ही अगले तीन बल्लेबाज भी तेजी से आउट हो गये।

रोहन कुन्नुमल (93) के बाद रवि तेजा ने दक्षिण के लिये सर्वाधिक 53 रन बनाये। उन्होंने 97 गेंदों की पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया। साई किशोर ने भी 82 गेंदें खेलकर विकेट पर बहुमूल्य समय बिताया।

पांचवें दिन रवि तेजा और जायसवाल के बीच मैदान में बहस भी हुई, जिसके बाद पश्चिम के कप्तान अङ्क्षजक्य रहाणे ने जायसवाल को चेतावनी देकर मैदान से बाहर भेज दिया और खेल को 10 फील्डरों के साथ आगे बढ़ाया।

पश्चिम की ओर से शम्स मुलानी ने दूसरी पारी में चार विकेट लिये, जबकि अतीत सेठ ने दो और ङ्क्षचतन गज ने एक विकेट लिया। पहली पारी में चार विकेट चटकाने वाले उनडकट ने यहां भी दो विकेट निकाले। तनुष कोटियान ने 71वें ओवर की दूसरी गेंद पर कृष्णप्पा गौतम (17) के रूप में दक्षिण के आखिरी बल्लेबाज को आउट किया और पश्चिम ने 294 रन की जीत के साथ दलीप ट्रॉफी उठायी।

इससे पहले, पश्चिम ने पहली पारी में 57 रन से  पिछडऩे के बाद दूसरी पारी में 585 रन बनाकर दक्षिण को 529 रन का लक्ष्य  दिया था। पश्चिम के लिये जायसवाल ने दूसरी  पारी में 323 गेंदों पर 30 चौकों और चार छक्कों  की मदद से 265 रन बनाये जिसके लिये उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। साथ ही सरफराज खान ने 178 गेंदों पर 11 चौकों  और दो छक्कों के साथ 127 रन की पारी खेली।

पश्चिम के कप्तान अङ्क्षजक्य रहाणे ने जीत के बाद कहा, हम जिस तरह खेले उससे खुश हूं। आगे के घरेलू सीजन को लेकर उत्साहित हूं। कोरोना के बाद पहली बार पूरा सीजन खेला जा रहा है, इसलिये मुंबई का प्रतिनिधित्व करने के लिये उत्सुक हूं। यहां प्रबंधन बहुत अच्छा है, प्रैक्टिस विकेट भी शानदार हैं। मेरे अनुसार क्षेत्रीय क्रिकेट उन खिलाडिय़ों के लिये महत्वपूर्ण है जो अपने राज्यों के लिये अच्छा प्रदर्शन करते आये हैं। रणजी ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी भारत के भविष्य के सितारों को चुनने के लिये बेहद महत्वपूर्ण हैं।


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