‘हम शांति के पक्षधर, युद्ध में कोई नहीं जीतेगा’ – यूक्रेन संकट पर रूस का नाम लिए बगैर जर्मनी में बोले पीएम मोदी

PM said on Birbhum violence. Modi- 'People should never forgive those who encourage criminals'
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बर्लिन (एजेंसी)। यूरोपीय देशों के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी में रूस-यूक्रेन युद्ध पर बड़ा बयान दिया है। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के साथ द्विपक्षीय बातचीत के बाद पीएम मोदी ने कहा कि हमने यूक्रेन संकट के शुरू होते ही तुरंत युद्धविराम का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में किसी भी पक्ष की जीत नहीं होगी। पीएम मोदी ने रूस का नाम लिए बिना कहा कि यूक्रेन संकट के कारण तेल और खाद की कीमतें आसमान छू रही हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन के संकट के आरंभ से ही हमने तुरंत युद्धविराम का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया था कि विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत ही एक मात्र उपाय है। हमारा मानना है कि इस युद्ध में कोई विजयी पार्टी नहीं होगी, सभी को नुकसान होगा इसलिए हम शांति के पक्ष में हैं। यूक्रेन संघर्ष से उथल-पुथल के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, विश्व में खाद्यान्न और फर्टिलाइजर की भी कमी हो रही है। इससे विश्व के हर परिवार पर बोझ पड़ा है किंतु विकासशील और गरीब देशों पर इसका असर और गंभीर हो रहा है।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि मुझे खुशी है कि मेरी 2022 की पहली विदेश यात्रा जर्मनी में हो रही है और किसी विदेशी नेता के साथ मेरी पहली टेलीफोन पर बातचीत मेरे मित्र चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के साथ हुई। आईजीसी का होना दर्शाता है कि हम अपने रणनीतिक संबंधों में कितना महत्व रखते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक देशों के तौर पर भारत और जर्मनी कई कॉमन मूल्यों को साझा करते हैं। इन साझा मूल्यों और साझा हितों के आधार पर पिछले कुछ वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। हमारी पिछली आईजीसी 2019 में हुई थी, तब से विश्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। कोविड-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव डाला है। हाल की जियो पॉलेटिकल घटनाओं ने भी दिखाया कि विश्व की शांति और स्थिरता कितनी नाजुक स्थिति में है और सभी देश कितने इंटरकनेक्टेड हैं।

पोस्ट कोविड काल में भारत अन्य बड़ी अर्थव्यवस्था के मुकाबले सबसे तेज ग्रोथ देख रहा है। हमें विश्वास है कि भारत वैश्विक रिकवरी का महत्वपूर्ण स्तंभ बनेगा। हाल ही में हमने बहुत कम सयम में यूएई तथा ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारत-जर्मनी के बीच 10.5 अरब डॉलर का ग्रीन एनर्जी समझौता

पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने भारत-जर्मनी के बीच ग्रीन एनर्जी और सतत् ऊर्जा को लेकर अहम एग्रीमेंट पर साइन किए। पीएम मोदी ने कहा- भारत और जर्मनी मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन टास्क फोर्स का गठन करेंगे। भारत यूरोपियन यूनियन (ईयू) के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की प्रक्रिया तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सतत विकास को लेकर एग्रीमेंट हुआ है, जिसके तहत भारत को साल 2030 तक क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए 10.5 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता मिलेगी। मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारतÓ अभियान में निवेश के जरिए जर्मनी के भागीदारी करने का न्योता भी चांसलर स्कोल्ज को दिया है।

जर्मन चांसलर ने भारत को बताया सुपर पार्टनर : इस दौरान जर्मन चांसलर ने भी भारत को एशिया में अपना सुपर पार्टनर बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जर्मनी ने जून में होने वाली जी-7 बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है।जर्मन चांसलर स्कोल्ज ने कहा, इंडो-पैसेफिक बेहद डायनामिक रीजन है, लेकिन इसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस रीजन में भारत हमारा एक बेहद अहम साझेदार है। स्कोल्ज ने कहा, दुनिया तभी विकसित हो सकती है, जब हम यह स्पष्ट कर दें कि दुनिया कुछ ताकतवर देशों के इशारे पर नहीं बल्कि भविष्य के रिश्तों पर ही चलेगी।


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