कप्तानी से विराट का विराम- अफ्रीका में सीरीज हार के बाद दिया इस्तीफा, कहा- मेरे दिल में कोई संशय नहीं

कप्तानी से विराट का विराम- अफ्रीका में सीरीज हार के बाद दिया इस्तीफा, कहा- मेरे दिल में कोई संशय नहीं
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केपटाउन (एजेंसी)।  दक्षिण अफ्रीका सीरीज में शर्मनाक हार के बाद विराट कोहली ने टेस्ट से कप्तानी छोड़ दी है। विराट कोहली ने एक स्टेटमेंट के जरिए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने शनिवार शाम एक स्टेटमेंट जारी कर इस बात की सूचना दी। विराट ने कहा कि मैं हमेशा हर चीज में 120% योगदान देना चाहता हूं, अगर मैं ऐसा नहीं कर पाता हूं तो यह गलत होगा। मैं इस बात को लेकर एकदम स्पष्ट हूं और मैं अपनी टीम के साथ बेइमानी नहीं कर सकता हूं।

कोहली ने टी-20 वल्र्ड कप के शुरू होने से पहले ही इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी थी। वहीं, दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले उनको वनडे की कप्तानी से पद से भी हटा दिया गया था। चयनकर्ताओं ने कहा था कि व्हाइट बॉल क्रिकेट के दो कप्तान नहीं हो सकते।

23 लाइन के नोट में सिर्फ शास्त्री और धोनी का जिक्र

कोहली ने सोशल मीडिया पर अपने 23 लाइन के नोट में सिर्फ दो लोगों के नाम लिए। उन्होंने आखिर की चार लाइनों में खिलाडिय़ों में सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी का और कोच में सिर्फ रवि शास्त्री का जिक्र किया है। वे तीन कोच के अंदर बतौर कप्तान काम कर चुके हैं। इसमें शास्त्री के अलावा अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ शामिल हैं। कुंबले के साथ उनका विवाद काफी चर्चित रहा था। इसके बाद कुंबले ने कोचिंद पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, द्रविड़ हाल ही में हेड कोच बने हैं।

विराट ने अपने इस्तीफे में लिखा….

टीम को सही दिशा में ले जाने के लिए मैंने 7 साल तक हर दिन कठिन परिश्रम किया। मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ किया और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी। हर चीज को किसी न किसी मोड़ पर रुकना ही होता है और टेस्ट टीम के कैप्टन के तौर पर मेरे लिए रुकने का यही समय हैं। इस पूरी यात्रा के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी आए, लेकिन मेरी कोशिशों और भरोसे में कभी कोई कमी नहीं आई। मैं हमेशा हर चीज में 120′ योगदान देना चाहता हूं, अगर मैं ऐसा नहीं कर पाता हूं तो यह गलत होगा। मेरे दिल में कोई संशय नहीं है और मैं अपनी टीम के साथ बेइमानी नहीं कर सकता हूं। मैं बीसीसीआई को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उसने इतने लंबे समय तक मुझे अपने देश की अगुआई करने का मौका दिया। इसके साथ ही मैं अपने साथियों का भी शुक्रिया करना चाहता हूं जिन्होंने पहले दिन से ही मेरे विजन पर भरोसा किया और किसी भी स्थिति में हथियार नहीं डाले। आपने मेरे सफर को यादगार और खूबसूरत बना दिया है। रवि भाई और सपोर्ट ग्रुप इस गाड़ी के इंजिन के तौर पर रहे, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट को लगातार ऊंचा उठाया है। आप सबने मेरे विजन को हकीकत में बदलने में अहम भूमिका निभाई है। आखिर में एमएस धोनी को बहुत ज्यादा शुक्रिया, जिन्होंने मुझ पर एक कप्तान के तौर पर बहुत ज्यादा भरोसा किया है। उन्होंने मुझे इस लायक समझा कि मैं भारतीय क्रिकेट को आगे लेकर जा सकता हूं।


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