विराट को नहीं खराब फॉर्म का अफसोस : बोले- ‘मैं जीवन के उस पड़ाव में हूं जहां फील्ड पर उत्साह या निराशा नहीं ढूंढता’

Virat does not regret poor form: Said- 'I am at that stage of life where I do not find enthusiasm or disappointment on the field'
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मुम्बई (कार्यालय संवाददाता)। आईपीएल में खराब दौर से गुजर रहे पूर्व कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि वह अपने जीवन के ‘सबसे सुखास्पद पड़ाव’ में हैं और फील्ड पर क्या होता है उसमें वह ‘उत्साह या निराशा’ नहीं ढूंढते। साथ ही उन्होंने कहा है कि आईपीएल में लगभग नौ सीजन बाद सिफऱ् एक खिलाड़ी के रूप में खेलते  हुए भी वह एक जिम्मेदार सीनियर खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं और कप्तान फ़ाफ़ डुप्लेसी को सुझाव देने से नहीं कतराते हैं।

स्टार स्पोट््र्स पर इनसाइड आरसीबी कार्यक्रम पर कोहली ने कप्तानी त्यागने के बाद खेलने के बारे में कहा, सच कहूं तो यह थोड़ा अलग है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह कठिन है क्योंकि आप लगातार प्रक्रिया में योगदान देते रहते हैं। सौभाग्य से फ़ाफ़ और मुझमें दोस्ती हमेशा अच्छी रही है। टीम में एक नेतृत्व समूह है जिसमें हम सब अपने सुझाव देते हैं। मैदान पर भी जब फ़ाफ़ आउटफ़ील्ड में होते हैं तो उन्होंने मुझे कोण और खिलाडिय़ों के स्थान में छोटे-मोटे परिवर्तन करने की छूट दे रखी है। ऐसा मैं एमएस (धोनी) के साथ खेलते हुए भी किया करता था। एक जिम्मेदार सीनियर खिलाड़ी के तौर पर खेल में अधिक योगदान देने और कप्तान को सुझाव देने में मुझे बहुत मजा आता रहा है और यहां भी ऐसा ही है।

कोहली ने आईपीएल 2022 के पहले 13 मैचों में केवल 236 रन बनाए हैं और सीजन के बीच ओपनर के रूप में खेलते हुए भी उनके प्रदर्शन में खासा फ़र्क नहीं पड़ा है। वह कुल छह बार 10 से कम के स्कोर पर आउट हुए हैं और इसमें तीन गोल्डन डक शामिल हैं जहां गेंदबाजो ने उन्हें उनकी पारी की पहली गेंद पर पवेलियन भेज दिया है।

केवल एक अर्धशतक लगाने के बावजूद कोहली ने इस पड़ाव पर एक दार्शनिक दृष्टिकोण दिखाते हुए कहा, भले ही यह अनुभव हो या इससे पहले घटे अनुभव, मैं उनकी वजह से खुद को ज्यादा मूल्यवान मानता हूं। मैं वास्तव में अपने जीवन के सबसे सुखास्पद पड़ाव पर हूं और मुझे मैदान पर घट रही चीजों में कोई मोल या आत्म मूल्य नहीं दिखाई देता। इसका मतलब यह नहीं कि मुझमें सफल होने की भूख नहीं रही। जिस दिन वह भूख चली जाएगी मैं यह गेम छोड़ दूंगा। मैं केवल अपने जीवन के सबसे संतुलित जगह पर हूं जहां मैदान पर घटनाओं से मैं उत्साहित या निराश नहीं होता। तो यह (खराब फार्म की चर्चा) मेरे बारे में नहीं है बल्कि मैं इस बात से दुखी हूं कि मैंने अपनी टीम के लिए उतना योगदान नहीं दिया है जितना मैं देना चाहता हूं या जितने में मुझे गर्व हो।


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