विराट ने अपने फॉर्म को लेकर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘मुझे कुछ साबित करने की जरूरत नहीं’

Virat does not regret poor form: Said- 'I am at that stage of life where I do not find enthusiasm or disappointment on the field'
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केपटाउन (एजेंसी)। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मंगलवार से तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी टेस्ट केप टाउन में खेला जाएगा। इससे पहले विराट कोहली ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने फिटनेस, फॉर्म और प्लेइंग-11 पर सवालों के जवाब दिए।

उन्होंने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि मोहम्मद सिराज अगले टेस्ट के लिए फिट हैं। आप तेज गेंदबाजों के साथ रिस्क नहीं ले सकते। वहीं, अपनी फिटनेस के बारे में विराट ने कहा कि वह पूरी तरह खेलने को तैयार हैं।

पुजारा, रहाणे और पंत पर दिया बयान

पुजारा और रहाणे को लेकर कोहली ने कहा कि हम बदलाव को लेकर जबरदस्ती नहीं कर सकते। इन दोनों ने पिछले टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी की। हम किसी को भी दबाव में नहीं डाल सकते। वहीं, ऋषभ पंत के खराब शॉट सिलेक्शन को लेकर भी कोहली ने बातचीत की।

उन्होंने कहा कि हम सब अपने करियर के महत्वपूर्ण मौकों पर कोई ने कोई गलती करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण होता है गलतियों को स्वीकार करना। इससे आगे मदद मिलती है। पंत जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में खराब शॉट खेलकर आउट हुए थे।

फॉर्म को लेकर विराट ने कही ये बात

विराट कोहली पिछले कुछ समय से फॉर्म में नहीं हैं। उन्होंने नवंबर 2019 के बाद से शतक नहीं लगाया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हो रही है। इस सवाल पर कोहली ने कहा कि वह बाहरी आवाजों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उसकी उन्हें चिंता नहीं है। कोहली ने कहा कि वह सही तरीके से तैयारी और अपने बेसिक्स पर ध्यान दे रहे हैं।

‘पहले भी मेरी आलोचना हो चुकी’

कोहली ने कहा यह पहली बार नहीं है जब लोग मेरी फॉर्म के बारे में बोल रहे हैं। मेरे करियर में यह कई बार हो चुका है। जब मैं 2014 में इंग्लैंड दौरे पर गया था, तब भी ऐसा हुआ था। मैं खुद को कभी उस नजरिए से नहीं देखता, जिस नजरिए से दुनिया मुझे देखती है। मैं बस टीम के लिए बेस्ट करने पर ध्यान दे रहा हूं और टीम के लिए जो हो सकेगा करूंगा।

‘खेल में सबकुछ मुताबिक नहीं होता’

कोहली ने कहा- आपको यह समझना होगा कि स्पोर्ट्स में हमेशा चीजें आपके मुताबिक नहीं चल सकती। मुझे हमेशा लगता है कि जब भी टीम अच्छा करती है, मेरा उसमें कुछ न कुछ योगदान होता है और यही मेरे लिए गर्व की बात होती है। जब भी टीम को साझेदारी की जरूरत होती है, मेरा भी उसमें योगदान होता है। कभी-कभी टीम को जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है, उस पर ध्यान देना होता है।

‘हर मैच में खेलूं, यह संभव नहीं है’

कोहली पिछले टेस्ट में पीठ में समस्या के कारण नहीं खेल पाए। अगले टेस्ट में वह टीम की कप्तानी करेंगे। उन्होंने खिलाडिय़ों की फिटनेस के सवाल पर कहा कि हमारा सारा ध्यान खुद को ज्यादा से ज्यादा फिट रखने पर है। हालांकि, सच्चाई यही है कि हम काफी क्रिकेट खेलते हैं। मैं 2012 के बाद से तीनों फॉर्मेट में टीम का हिस्सा रहा हूं और साथ ही आईपीएल भी खेलता हूं।

भुवनेश्वर-जडेजा का दिया उदाहरण

भुवनेश्वर और रवींद्र जडेजा का उदाहरण देते हुए कहा- भुवी ने पिछले चार-छह साल में हमारे लिए काफी क्रिकेट खेला। वह लगातार टीम का हिस्सा रहे। जडेजा भी ज्यादातर मैच खेलते हैं। उन्हें भी चोट लगती है और ऐसा होना प्राकृतिक है। खिलाडिय़ों की क्षमता और वह कितने मैच खेलते हैं, इसमें सही गैप होना चाहिए। हम पूरे जी जान से मैच खेलते हैं, तो हमारे मैचों की संख्या पर ध्यान देना जरूरी है।

‘महत्वपूर्ण खिलाडिय़ों को नहीं खो सकते’

कोहली ने कहा कि कोरोना के कारण अभी जो माहौल है, उसमें हमें ज्यादातर समय पाबंदियों के साथ रहना पड़ता है। धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होता जाएगा, लेकिन उससे पहले खिलाडिय़ों को खुद को फिट रखना बेहद जरूरी है। इसी तरह आप इस माहौल में खुद को तैयार रख सकते हो।आप महत्वपूर्ण मैचों में अपने अच्छे खिलाडिय़ों को नहीं गंवाना चाहते।


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