वसुन्धरा का दौरा भाजपा नेताओं की राजनीतिक दूरिया बता गया – उदयपुर आई राजे, कटारिया का शहर भाजपा

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उदयपुर. नगर संवाददाता & पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे बुधवार को उदयपुर में थीं और उनके कई कार्यक्रम थे लेकिन इन कार्यक्रमों से कटारिया गुट के नेताओं के साथ-साथ प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया गुट के नेताओं ने पर्याप्त दूरी बनाए रखी और शहर भाजपा से नेता नहीं गए, पूनिया गुट की उदयपुर में प्रमुख अल्का मूंदड़ा सहित कई नेता नजर तक नहीं आए। सबसे बड़ी बात यह कि कार्यक्रम में वसुन्धरा के उदयपुर किसी समय में खास माने जाने वाले राष्ट्रीय परिषद सदस्य ताराचंद जैन तक नजर नहीं आए, जबकि मंगलवार रात्रि को ही वसुन्धरा के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में मंत्री रहे युनूस खान और बाबूलाल वर्मा ने स्थानीय भाजपा नेताओं को फोन कर वसुन्धरा के कार्यक्रम में आने के लिए कहा था, इसके बाद भी ‘डरÓ के मारे शहर भाजपा नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी, हालांकि भाजपा देहात के अधिकांश पदाधिकारी वसुन्धरा के झाड़ोल दौरे के समय में मौजूद रहे थे।

अपने तीन दिनों के देव-दर्शन के लिए और कोरोना काल में दिवंगत हुए भाजपा नेताओं के घर संवेदना व्यक्त करने पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे मेवाड़ दौरे पर हैं। बुधवार को वे उदयपुर आईं। सबसे पहले ब्राह्मणों का खेरवाड़ा झाडोल में मावली विधायक धर्मनारायण जोशी के बड़े भाई के निधन होने पर वहां पर बैठने के लिए गईं जहां भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। इस दौरान मावली विधायक धर्मनारायण जोशी, देहात जिलाध्यक्ष भंवर सिंह पंवार, उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा, झाडोल विधायक बाबूलाल खराड़ी, पूर्व जिलाध्यक्ष गुणवंतसिंह झाला, सुंदरलाल भाणावत, पूर्व विधायक नानालाल अहारी, जिला प्रमुख ममता कुँवर, विजय प्रकाश विप्लवी सहित कई भाजपा नेता मौजूद रहे। पुष्पाजंलि अर्पण करने के बाद खाना खाया। वहां से हैलीकॉप्टर से उदयपुर में पुलिस अन्वेषण भवन के सामने पालड़ी रोड पर बने हैलीपैड पर उतरी जहां शहर भाजपा नेताओं के साथ-साथ पूनिया गुट के नेताओं ने भी वसुन्धरा राजे से दूरी बनाए रखी और वसुन्धरा राजे गुट के कई भाजपा नेताओं ने स्वागत किया।

सबसे बड़ी बात यह कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे उदयपुर में आई और प्रोटोकोल के अनुसार उनके स्वागत के लिए शहर जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली और उनकी टीम का होना जरूरी था लेकिन ना जिलाध्यक्ष ना ही उनकी टीम से कोई पदाधिकारी उपस्थित था। यहां तक शहर विधायक और मेवाड़ के नेता कहे जाने वाले गुलाबचंद कटारिया तक जयपुर में रहे और वहीं से उदयपुर पर नजर रख रहे थे कि कौन-कौन जा रहा है। हैलीपेड़ पर जनता सेना संरक्षक रणधीरङ्क्षसंह भीण्डर, उनकी पत्नी दीपेन्द्र कुँवर, जनता सेना पदाधिकारी मांगीलाल जोशी के साथ जनता सेना के कई पदाधिकारी और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। इसके साथ ही भाजपा नेता और राजे गुट के उदयपुर में सबसे खास महेन्द्र सिंह शेखावत, प्रेम ओबरावल सहित अन्य भाजपा नेता उपस्थित थे। यहां कटारिया गुट के साथ-साथ राजे के कभी खास रहे ताराचंद जैन भी गायब थे। इसके साथ ही उदयपुर में प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया की कमान संभाल रही अल्का मूंदड़ा और उनकी ओर पूरी टीम नदारद रही।

हैलीपैड पर स्वागत करने के बाद वसुन्धरा राजे सीधे पूर्व मंत्री स्व. किरण माहेश्वरी के घर पर पहुँची, जहां तस्वीर पर माल्यापर्ण कर किरण माहेश्वरी के समय की यादों को ताजा किया। किरण माहेश्वरी के पति, भाजपा नेता सत्यनारायण माहेश्वरी, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी सहित कई भाजपा नेता उपस्थित थे। यहां करीब 10 मिनट तक रूकने के बाद वसुन्धरा राजे का काफिला पूर्व सांसद स्व. महावीर भगोरा के घर गया जहां पर भगोरा की तस्वीर पर पुष्पाजंलि अर्पित की और श्रद्धाजंलि दी। वहां से राजे का काफिला महापौर जीएस टांक के घर पर गया और वहां टांक की दिवंगत पत्नी को पुष्पाजंलि अर्पित कर शोक व्यक्त किया। इस दौैरान यहां पर पूर्व उप महापौर महेन्द्र सिंह शेखावत के साथ-साथ पूर्व सभापति युधिष्ठर कुमावत, वर्तमान उप महापौर पारस सिंघवी, पार्षद छोगालाल भोई, सलूम्बर विधायक अमृतलाल मीणा उपस्थित थे। यहां पर कुछ देर रूकने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे खारोल कॉलोनी में शांतिलाल सिंघवी के घर गई और वहां पर कार्यकर्ताओं के साथ भोजन लिया और कुछ देर तक वहां पर कार्यकर्ताओं से चर्चा की। वहां से वसुन्धरा राजे पुन: हैलीपैड गई और हैलीकॉप्टर से राजसमंद के लिए रवाना हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक अशोक लाहोटी, पूर्व मंत्री अनिता भदेल, पूर्व मंत्री यूनुस खान, पूर्व विधायक अनिता गुर्जर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, सांसद अर्जुन लाल मीणा, विधायक फूल सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री इकराम कुरैशी, गुरप्रीत सिंह, पूर्व उपसभापति वीरेंद्र बापना, गोविंद दीक्षित, पार्षद रेखा ऊंटवाल, एडवोकेट रोशनलाल जैन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

फोन कर बुलाया कटारिया गुट के इन पदाधिकारियों को

हैलीपैड पर कटारिया गुट के ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, पूर्व विधायक वंदना मीणा, बडग़ांव प्रधान प्रतिभा नागदा, उप जिला प्रमुख पुष्कर तेली, जिला परिषद सदस्य पिंकी माण्डावत, पुष्पा शर्मा, पूर्व उप महापौर लोकेश द्विवेदी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। इन्हें भी बार-बार फोन कर बुलाया गया था।

पूर्व मंत्रियों ने किए फोन तब भी नहीं आए नेता

पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के गुट के खास माने जाने वाले पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा और युनूस खान ने मंगलवार रात्रि को शहर भाजपा जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली, शहर भाजपा की टीम और भाजपा पदाधिकारियों को फोन किया और आने के लिए कहा था, लेकिन एक भी नहीं आया। फोन पर सभी ने आने की सहमति दी थी, लेकिन बुधवार को कोई नहीं आया। नहीं आने के पीछे सभी के अलग-अलग कारण बताएं जा रहे है।

जैन का नहीं आना बना चर्चा का विषय

भाजपा नेता ताराचंद जैन को वसुन्धरा राजे गुट का माना जाता है और वे कई बार वसुन्धरा राजे से जयपुर में मिल भी चुके है। वर्तमान में जैन भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य है और ऐसे में यह माना जा रहा था कि वसुन्धरा के उदयपुर आगमन पर जैन जरूर जाएंगे, लेकिन वे नहीं गए, जो कि भाजपा की राजनीति में चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि नहीं जाने के पीछे जैन का शहर से बाहर होना बताया जा रहा है।

संगठनात्मक रूप से कोई मैसेज भी नहीं

इधर भाजपा नेताओं के पास में संगठनात्मक रूप से कोई मैसेज भी नहीं था कि वसुन्धरा राजे के कार्यक्रम में जाना है या नहीं। आम तौर पर किसी नेता के आने पर संगठन का पदाधिकारियों के पास संदेश जाता है, लेकिन इस कार्यक्रम को लेकर कोई संदेश नहीं दिया गया। वहीं यह भी संदेश चल रहा था कि वसुन्धरा राजे के इस कार्यक्रम के लिए केन्द्रीय नेतृत्व की ओर से हरी झण्डी नहीं है ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है कि वह वसुन्धरा के कार्यक्रम में जाए और उस पर गाज गिरे।

कटारिया हाल में खुलकर बोल चुके हैं

हाल में जयपुर दौरे के दौरान शहर विधायक और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने दोनों उपचुनाव में हार पर वसुन्धरा राजे के प्रचार में नहीं आने पर खुलकर सवाल खड़े किए थे, ऐसे में भाजपा नेताओं में इस बात को लेकर डर था कि वसुन्धरा के कार्यक्रम में जाकर कौन मुसीबत मोल ले।

किसी भी गुट के जाने की हिम्मत नहीं हुई

कटारिया गुट से छिटक कर कुछ नेता अन्य गुट में चले गए है, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया का गुट भी है। पूनिया गुट की महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अल्का मूंदड़ा के तो परिवार में किसी का निधन होने के कारण नहीं जाना बताया जा रहा है, लेकिन इस गुट में शामिल हुए पूर्व जिलाध्यक्ष सहित कई नेताओं ने भी दूरी बनाएं रखी। ऐसे में यह चर्चा है कि भले ही गुट बदल दिया हो लेकिन कार्यक्रम में जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी।

किरण का निधन बहुत बड़ी क्षति – राजे

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री स्व. किरण माहेश्वरी के निधन पर कहा कि आज भी विश्वास नहीं होता कि किरण नहीं रही है। उदयपुर में किरण के बिना मेरा यह पहला प्रवास है। उनका असमय चला जाना भाजपा परिवार और प्रदेश के साथ ही मेवाड़ के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने स्वर्गीय किरण माहेश्वरी के जीवन साथी डॉ सत्यनारायण माहेश्वरी, पुत्री विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी एवं अन्य परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता, भारत विकास परिषद एवं दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के कार्यकर्ता, कमल वाहिनी के सदस्य और माहेश्वरी समाज बंधु उपस्थित थे।


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