वसुन्धरा आज उदयपुर में और कटारिया जयपुर में

वसुन्धरा आज उदयपुर में और कटारिया जयपुर में
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उदयपुर. नगर संवाददाता & प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के मेवाड़ दौरे के साथ ही राजनीतिक हलचल शुरू हो गए है। वसुन्धरा आज उदयपुर में है और तीन जगहों पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करने जाएंगी, लेकिन मेवाड़ के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया जयपुर है और वे उदयपुर नहीं आए है। इधर वसुन्धरा के मुख्यमंत्रित्व काल में मंत्री रहे नेता खुद भाजपा कार्यकर्ताओं को फोन कर स्वागत के लिए हैलीपैड पर बुला रहे है और स्थानीय टीम भी व्यवस्था में लगी है।

जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे बुधवार को बांसवाड़ा से ब्राह्मणों का खेरवाड़ा झाडोल में मावली विधायक धर्मनारायण जोशी के भाई के निधन पर शोक व्यक्त करने जाएंगी। जहां से वे उदयपुर में पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी के निधन पर उनके निवास पर शोक व्यक्त करने जाएंगी, इसके बाद पूर्व सलूम्बर सांसद महावीर भगोरा के निधन पर उनके निवास पर और यहां से वे महापौर जीएस टांक की पत्नी के निधन पर उनके निवास पर शोक व्यक्त करने जाएंगी। वसुन्धरा का बुधवार को पूरे दिन का कार्यक्रम उदयपुर का है, लेकिन शहर विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया बुधवार को जयपुर में रहेंगे। वे उदयपुर में नहीं है, जो भाजपा की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे बड़ी बात यह है कि कटारिया गुट के स्थानीय पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में जाएंगे या नहीं यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि ऐसा कहा जा रहा है कि कटारिया गुट इस कार्यक्रम से पूरी तरह से बहिष्कार करेगा और प्रोटोकॉल के तहत मात्र कुछ पदाधिकारियों को छोड़ शेष पदाधिकारी नहीं जाएंगे। इस पर भी विशेष नजर है कि कौन-कौन से पदाधिकारी जाएंगे और कौन-कौन से नहीं। इधर वसुन्धरा राजे के आगमन पर सारी व्यवस्था वसुन्धरा राजे के खास समर्थकों ने संभाल रखी है। पूर्व मंत्री युनूस खान, बाबूलाल वर्मा और विधायक अशोक परनामी, सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड, स्थानीय नेता महेन्द्र सिंह शेखावत के साथ-साथ कई नेताओं ने व्यस्थाएं कर रहे है। सबसे बड़ी बात यह है कि ये सभी स्थानीय भाजपा नेताओं को फोन कर यह कह रहे है कि बुधवार दोपहर को हैलीपैड पर वसुन्धरा राजे के स्वागत के लिए आना है। जो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

पूनिया गुट पर भी नजर

इधर उदयपुर में कुछ समय से प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया का गुट भी एकदम से उभरा है। वसुन्धरा राजे के आने पर इस गुट पर भी विशेष नजर है कि इस गुट द्वारा वसुन्धरा राजे का स्वागत किया जाता है या नहीं या फिर कोई ना कोई बहाना बनाकर जयपुर चले जाते है।

राष्ट्रीय नेतृत्व की नहीं है यात्रा की स्वीकृति

इधर राजनीतिक हल्को में इसको लेकर भी चर्चा है कि वसुन्धरा की इस देव-दर्शन यात्रा को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व की स्वीकृति नहीं है। अधिकारिक यात्रा नहीं होने के कारण कई भाजपा नेता जो विभिन्न गुटों से जुड़े है वे राजे की इस यात्रा से दूरी बनाएं हुए है।


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