V शेप तेज रिकवरी की उम्मीद – जीडीपी ग्रोथ 11% रहने का अनुमान

V शेप तेज रिकवरी की उम्मीद - जीडीपी ग्रोथ 11% रहने का अनुमान
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नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सत्र के पहले दिन संसद में 2020-21 आर्थिक सर्वे पेश किया। सर्वे के मुताबिक कोरोना की वजह से मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी में 7.7′ गिरावट का अंदेशा है। लेकिन इसके बाद वी-शेप यानी तेज रिकवरी होगी। इसलिए 2021-22 में जीडीपी में 11′ ग्रोथ रहेगी। फिर भी इकोनॉमी को महामारी से पहले के स्तर तक आने में दो साल लगेंगे।

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से अप्रैल से जून 2020 के दौरान जीडीपी का आकार 23.9′ घट गया था। अनलॉक शुरू होने के बाद स्थिति सुधरी तो सितंबर तिमाही में गिरावट सिर्फ 7.5′ की रह गई। इस तरह, 2020-21 की पहली छमाही में जीडीपी का आकार 15.7′ घटा है। सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि दूसरी छमाही में सिर्फ 0.1′ गिरावट रहेगी। हालांकि इसकी बड़ी वजह सरकारी खर्च का बढऩा है।

कृषि विकास दर 3.4′ रहेगी, इंडस्ट्री और सर्विसेज में निगेटिव ग्रोथ
इस साल इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ा सहारा खेती ही है। इसकी विकास दर 3.4′ रहने की उम्मीद है। जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। 2019-20 में यह 17.8′ थी, इस साल 19.9′ हो जाएगी। कृषि के अलावा इकोनॉमी के दो सेक्टर हैं इंडस्ट्री और सर्विसेज। इंडस्ट्री में मौजूदा वित्त वर्ष में 9.6′ गिरावट रहने का अंदेशा है। सर्विस सेक्टर की ग्रोथ भी -8.8′ रहेगी।

देश में 85′ छोटे किसान, नए कृषि कानूनों से उन्हें फायदा

नए कृषि कानूनों के विरोध में भले ही किसान दो महीने से आंदोलन कर रहे हों, सर्वे में इन कानूनों की तारीफ की गई है। इसके मुताबिक नए कानूनों से छोटे किसानों को फायदा होगा। प्रोसेसर, होल सेलर और बड़े रिटेलर्स के साथ सौदा करते वक्त किसानों के पास ज्यादा अधिकार होंगे। देश के कुल किसानों में 85′ छोटे किसान ही हैं। खेती में अनिश्चितता को देखते हुए अभी रिस्क किसानों के लिए रहता है। नए कानूनों से रिस्क उनके लिए होगा जो किसानों के साथ कॉन्ट्रैक्ट खेती की डील करेंगे। किसान अपनी फसल की कीमत तय कर सकेंगे। उन्हें इसकी पेमेंट भी तीन दिन में मिल जाएगी। कॉन्ट्रैक्ट खेती से खेती में नई टेक्नोलॉजी भी आएगी।


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