बंगाल के बाद उ.प्र. में भी विस्तार की तैयारी में जदयू

बंगाल के बाद उ.प्र. में भी विस्तार की तैयारी में जदयू
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पटना (एजेंसी)। जदयू ने बिहार से बाहर बंगाल और असम के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी विस्तार की पूरी तैयारी कर रखी है। यूपी में अगले साल (2022) होने जा रहे विधानसभा चुनाव में जदयू जोश-ओ-खरोश के साथ भागीदारी करेगा। अभियान का आगाज इसी महीने 23-24 तारीख को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर लखनऊ में समारोह के बहाने होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह जिम्मेदारी जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी को दी है।

यूपी में चुनाव लडऩे का फैसला नीतीश कुमार ने पटना में जदयू के दो दिन के राष्ट्रीय समागम के दौरान नए राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से परामर्श के बाद लिया है। त्यागी उप्र और बिहार से चार बार सांसद (राज्यसभा सदस्य) रह चुके हैं। उनके पास पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह और मुलायम सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं के साथ यूपी में काम करने का अनुभव रहा है। संगठन की क्षमता भी है।

त्यागी ने दावा किया कि यूपी में जदयू के लिए काफी संभावनाएं हैं। सामाजिक समीकरण अनुकूल है। बिहार से सटे यूपी के जिलों में नीतीश कुमार के समर्थकों की बड़ी आबादी है। अति पिछड़े समुदाय की भी अच्छी तादाद है, जिन पर सभी दलों की नजर रहती है। भाजपा और समाजवादी पार्टी ने अपना प्रदेश अध्यक्ष एक खास जमात से चुना है। भाजपा के स्वतंत्र देव और सपा के नरेश उत्तम प्रदेश अध्यक्ष हैं, जो इसी समूह से आते हैं। अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल को भी इसी जमात का पैरोकार माना जाता है।

नीतीश को नजर आ रही संभावना

यूपी में जदयू के विस्तार की तैयारी के पीछे वहां के सियासी हालात हैं। भाजपा के सामने अन्य सभी दलों का सामथ्र्य कमजोर हुआ है। त्यागी के मुताबिक कांशीराम के बाद मायावती के नेतृत्व में बहुजन समाज पार्टी जमीन से कटती जा रही है। मुलायम सिंह यादव की सपा भी पस्त होती जा रही है। अपना दल अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पा रहा। सरकार में अति पिछड़ों को समानुपातिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से निराशा है। ऐसे में जदयू जड़ें जमा सकता है। जदयू ने पांच साल पहले भी चुनाव की तैयारी की थी। नीतीश कुमार ने बनारस, इलाहाबाद, गोरखपुर एवं कानपुर मंडलों में दर्जन भर सभाएं की थीं। भीड़ भी अच्छी जुट रही थी, लेकिन अचानक ही जदयू ने चुनाव लडऩे का इरादा त्याग दिया।

गठबंधन की बात अभी नहीं

केसी त्यागी ने बिहार की तरह यूपी में भाजपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं से इन्कार किया और कहा कि अभी यह तय नहीं है, मगर कर्पूरी जयंती पर कार्यक्रम के बाद गठबंधन की संभावनाओं को टटोला जाएगा। समान विचारधारा वाले दलों से प्रस्ताव आए तो पहल होगी नहीं तो हम अकेले ही लडऩे की तैयारी करेंगे।


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