यूपी किसान प्रदर्शनकारियों ने बॉर्डर खाली किये

यूपी किसान प्रदर्शनकारियों ने बॉर्डर खाली किये
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चीला सीमा को यातायात के लिये खोल दिया गया

भारतीय किसान यूनियन भानु (BKUB) ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में एक लंबित याचिका पर हस्तक्षेप करने की मांग की, जो दिल्ली के सीमाओं पर जारी विरोध के बीच तीन कृषि कानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देती है। किसानों का विरोध आज 18 वें दिन में प्रवेश कर गया। किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बाद दोनों के बीच गतिरोध खत्म करने में नाकाम रहे, प्रदर्शनकारी किसानों ने शनिवार को दिल्ली-जयपुर राजमार्ग को अवरुद्ध करने का आह्वान किया।  दिल्ली-हरियाणा सीमा क्षेत्र में साठ ज़िला मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं और गुरुग्राम में लगभग 2,000-2,500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।  इस बीच, किसान यूनियनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है।

ट्रैफिक मूवमेंट के लिए चीला बॉर्डर खोला गया

चीला (दिल्ली-यूपी) बॉर्डर शनिवार को ट्रैफिक मूवमेंट के लिए खोला गया था। एक किसान नेता ने बताया कि “हमारे नेता ने आज रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री से मुलाकात की। हमें सरकार ने आश्वासन दिया है कि हमारी मांगें पूरी होंगी, इसलिए हमने सड़क खोली दी है।”

हरियाणा सरकार ने दिल्ली के साथ राज्य की सीमाओं पर किसानों के विरोध के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया है। पंजाब से हरियाणा तक किसानों के लगातार आंदोलन को देखते हुए, हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को मैदान पर तैनात किया है।

किसान आज दिल्ली-जयपुर राजमार्ग को अवरुद्ध करेंगे

सिंघू (दिल्ली-हरियाणा) सीमा पर शनिवार को एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता कमलप्रीत पन्नू ने कहा “हम तीन कानूनों को समाप्त करना चाहते हैं। संशोधन स्वीकार्य नहीं हैं। सरकार से बात करने से इनकार नहीं किया गया है।”वह आगे कहते हैं, “हम आंदोलन को और व्यापक करेंगे।

पन्नू ने कहा, ” अब हम आंदोलन को और तेज करेंगें। जयपुर के शाहजहांपुर के हजारों किसान रविवार सुबह 11 बजे ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे और दिल्ली-जयपुर राजमार्ग को अवरुद्ध करेंगे।”

किसान नेता कमलप्रीत पन्नू ने भी कहा कि 14 दिसंबर के बाद संयुक्ता मोर्चा की बैठक बुलाई जाएगी।

वहीं किसान नेता गुरनाम सिंह चारुणी ने कहा, “पंजाब से आने वाले किसानों की ट्रॉलियों को रोका जा रहा है। हम सरकार से किसानों को दिल्ली पहुंचने की अनुमति देने की अपील करते हैं,” अगर केंद्र ने 19 दिसंबर से पहले हमारी मांगों को स्वीकार नहीं की, तो हम किसान उसी दिन गुरु तेग बहादुर के शहादत दिवस से उपवास शुरू करेंगें।


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