दशहरे की रैली भी नहीं संबोधित कर पाएंगे उद्धव! विवाद में राज ठाकरे की भी हुई एंट्री

Uddhav will not be able to address even Dussehra rally! Raj Thackeray also entered the controversy
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मुंबई (कार्यालय संवाददाता)। शिवसेना की स्थापना के दौर से ही दशहरे पर रैली उसका बड़ा उत्सव रहा है। बालासाहेब ठाकरे के दौर में यह एक बड़ा आयोजन होता था, जिसमें समूचे महाराष्ट्र से बड़ी सं-[ख्या में शिवसैनिक जुटते थे। उसके बाद करीब एक दशक तक उद्धव ठाकरे इस रैली को संबोधित करते रहे हैं। लेकिन इस साल नजारा पूरी तरह से अलग है। इसकी वजह एकनाथ शिंदे गुट की बगावत के चलते 40 विधायकों का साथ छोड़ जाना और सांसदों का भी बागी होना है। इसके अलावा संजय राउत ईडी की गिरफ्त में हैं। यही नहीं दशहरे पर रैली करने का दावा एकनाथ शिंदे गुट भी कर रहा है, जो खुद को असली शिवसेना बताता है। वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा है कि रैली तो होकर रहेगी।

इस बीच पूरे विवाद में राज ठाकरे की भी एंट्री हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने अब तक इस पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उनकी पार्टी के नेताओं ने बयान दिया है कि हम चाहते हैं कि राज ठाकरे महाराष्ट्र को संबोधित करें। इस पर विवाद छिड़ गया है। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा है कि हम जोर देंगे कि राज साहब  महाराष्ट्र को संबोधित करें ताकि बालासाहेब के विचार, हिंदुत्व के विचार और मराठी लोगों के विचार आगे बढ़ें। उन्होंने एक ट्वीट भी किया और कहा कि विरासत सिर्फ जायदाद की नहीं होती बल्कि विचारों की होती है।

क्या राज ठाकरे ने भाजपा से लिया है कॉन्ट्रैक्ट

इस पर शिवसेना की नेता सुषमा अंधेरे ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे की आलोचना की है। सुषमा ने कहा कि जब कार्यकर्ता इतने आत्मविश्वास से अपने नेता के बारे में बात कर रहे होते हैं तो मनसे नेता पर इस संबंध में बहुत गंभीरता से सोचने और खुद से कुछ सवाल पूछने की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्हें खुद से पूछना चाहिए कि क्या मैं वास्तव में बालासाहेब की विरासत को आगे बढ़ा रहा हूं या मैं बालासाहेब की पहचान और पार्टी को खत्म करने के लिए भाजपा के कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहा हूं। साफ है कि दशहरे की रैली को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है।

राज ठाकरे की फडणवीस समेत कई भाजपा नेताओं से मुलाकात : बता दें कि सोमवार को राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि इन दोनों अहम नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई थी। उसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े राज ठाकरे के शिवतीर्थ बंगले में गए और उनसे मुलाकात की। यही नहीं आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी राज ठाकरे से मुलाकात की। भाजपा-मनसे की इस नजदीकी ने कयासों को तेज कर दिया है। गौरतलब है कि राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे की बगावत के दौरान भी कहा था कि उद्धव ठाकरे ही विरासत को खत्म करने के लिए दोषी हैं।


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