साइप्रस में क्रूज में फंसे 10 भारतीय में उदयपुर का को-पायलट भी शामिल

साइप्रस में क्रूज में फंसे 10 भारतीय में उदयपुर का को-पायलट भी शामिल
Share

उदयपुर. नगर संवाददाता & उदयपुर की श्वेता सिंह राठौड़ ने साइप्रस बंदरगाह पर एमवी मैरीन जहाज में फंसे पति संजीव सिंह की सकुशल वापसी के लिए सरकार से मदद की गुहार की है।  श्वेता ने बताया कि 10 भारतीय और 3 विदेशी नागरिकों की जान भी खतरे में है। उन्होंने भारतीय दूतावास को पत्र लिखने के साथ ही स्थानीय प्रशासन से भी सम्पर्क किया है। बताया जा रहा है कि यह मामला जहाज की बिक्री के करार का है। दो कम्पनियों के करार में कर्मचारी उलझ गए हैं और साइप्रस बंदरगाह पर फंसे हुए हैं।

शिप के क्रू को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है व पिछले पांच दिन से वे खाना-पानी तक को मोहताज हो गए हैं। को-पायलट संजीव सिंह की पत्नी श्वेता के अनुसार पति से व्हाट्सएप कॉल पर मुश्किल से बात हो पा रही थी। शुक्रवार शाम के बाद संपर्क नहीं हुआ। पांच दिनों से खाना नहीं मिलने से अब उनकी तबीयत बिगड़ गई है। जहाज के सभी क्रू मेंबर्स बंधक बना दिए गए हैं। कई बार वे समुद्री पानी को पीने को मजबूर हो रहे हैं। साइप्रस पोर्ट अथॉरिटी मदद नहीं कर रहा है, ऐसे में भारतीय विदेश मंत्रालय तुरंत हस्तक्षेप करे।  कंपनी क्रू सदस्यों पर लीबिया जाने का दबाव बना रही है जबकि भारतीय एडवाइजरी के अनुसार लीबिया नहीं जाने की सलाह है।

शिप में संजीव सिंह सेकंड ऑफिसर हैं जबकि विजय स्वामी चीफ ऑफिसर और एलेक्जेंडर बाइको कैप्टन हैं।  उदयपुर से संजीव सिंह तमिलनाडु से विजय शेखरन, महाराष्ट्र से सुनील, यूपी से अवधेश, बिहार से चंदन कुमार, युपी से प्रतीक गौड़, हरियाणा से योगेश, केरल से सुमेश सुधाकरन, बिहार से ऋषभराज, केरल से बीनूू थोमस, पश्चिम बंगाल से महबूब जाहेदी सहित रशियन कैप्टन एजेक्जेंडर, इटालियन हुसाम नाजर और युक्रेन के क्लिस्टोव शामिल है। वहीं उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा ने भी इस मामलें के ध्यान में आने पर चिंता जताई और पूरी जानकारी  लेकर विदेश मंत्रालय से संपर्क कर संजीव को वापस लाने का आश्वासन दिया है।


Share