RBI की दो स्कीम लॉन्च – सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश आसान बनेगा-एक ही जगह पर बैंकिंग से जुड़ी शिकायतों

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नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रिटेल डायरेक्ट स्कीम और इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉन्च किया। आरबीआई की रिटेल डायरेक्ट स्कीम से जहां गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ेगा, वहीं इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम का मकसद शिकायतों को दूर करने वाली प्रणाली में और ज्यादा सुधार लाना है। मोदी ने कहा, आज जिन दो योजनाओं को लॉन्च किया गया है, उनसे देश में निवेश के दायरे का विस्तार होगा और कैपिटल मार्केट्स को एक्सेस करना निवेशकों के लिए अधिक आसान, अधिक सुविधाजनक बनेगा। भारत में सभी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में सुरक्षा की गारंटी होती है, इसलिए छोटे निवेशकों को अपने निवेश पर सुरक्षा का आश्वसन मिलेगा।

सेविंग अकाउंट से लिंक होगा गिल्ट अकाउंट

मोदी ने कहा, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश के लिए फंड मैनेजर्स की जरूरत नहीं पड़ेगी। निवेशक सीधे गिल्ट अकाउंट खोल सकते हैं। ये अकाउंट सेविंग अकाउंट से भी लिंक होगा। उन्होंने कहा, आप कल्पना कर सकते हैं इससे लोगों को कितनी आसानी होगी।

यूपीए सरकार पर निशाना

मोदी ने इस दौरान यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 2014 से पहले बैंकिंग सिस्टम को जिस तरह से नुकसान पहुंचाया गया था उसके बारे में सभी को पता है। बीते 7 सालों में, एनपीए को पारदर्शिता के साथ रिकॉग्नाइज किया गया, रिजॉल्यूशन और रिकवरी पर ध्यान दिया गया, पब्लिक सेक्टर बैंकों को रीकैपिटलाइज किया गया, फाइनेंशियल सिस्टम और पब्लिक सेक्टर बैंकों में एक के बाद एक रिफॉर्म्स किए गए। उन्होंने कहा, सिस्टम से खिलवाड़ करने वाले विलफुल डिफॉल्टर्स का फंड जुटाने का रास्ता बंद कर दिया गया है।

डिजिटल ट्रांजैक्शंस में 19 गुणा की छलांग

डिजिटल ट्रांजैक्शन्स के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा, सिर्फ 7 सालों में भारत ने डिजिटल ट्रांजैक्शंस के मामले में 19 गुणा की छलांग लगाई है। आज 24 घंटे, सातों दिन और 12 महीने देश में कभी भी, कहीं भी हमारा बैंकिंग सिस्टम चालू रहता है। मोदी ने कहा, फिनटेक सेक्टर में टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है। फाइनेंशियल सिस्टम को विश्व स्तर का बनाने की जरूरत है।

को-ऑपरेटिव बैंकों को भी आरबीआई के दायरे में लाया गया

मोदी ने कहा, बैंकिंग सेक्टर को और मजबूत करने के लिए को-ऑपरेटिव बैंकों को भी आरबीआई के दायरे में लाया गया है। इससे इन बैंकों की गवर्नेंस में भी सुधार आ रहा है और जो लाखों डिपॉजिटर्स हैं, उनके भीतर भी इस सिस्टम के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है।

रिटेल डायरेक्ट स्कीम

अभी कोई भी रिटेल इन्वेस्टर गवर्नमेंट सिक्योरिटी और बॉन्ड्स में सीधे निवेश नहीं कर सकता। केवल बैंक और संस्थागत निवेशक ही निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम के जरिए अब आम निवेशक भी गवर्नमेंट सिक्योरिटी और बॉन्ड्स में निवेश कर सकेंगे। यानी आपको निवेश के लिए नया मार्केट मिलेगा।

रिटेल डायरेक्ट स्कीम के आने के बाद गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश के लिए आपको गिल्ट अकाउंट ओपन करना होगा। ये अकाउंट फ्री में ओपन होगा। अकाउंट को आरबीआई मैनेज करेगा और इसको आप ऑनलाइन ही ऑपरेट कर पाएंगे। ये अकाउंट आपके सेविंग बैंक अकाउंट से लिंक होगा।

आरबीआई रिटेल डायरेक्ट स्कीम की घोषणा इस साल 5 फरवरी को की गई थी। स्कीम की घोषणा करते हुए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसे महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार बताया था।

इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम

रिजर्व बैंक इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम (आरबी-आईओएस) का उद्देश्य शिकायत निवारण तंत्र में और सुधार करना है।


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