ट्विटर का यूटर्न- भागवत सहित कई नेताओं के ब्लू टिक वापस, फॉलोअर बढ़े

ट्विटर के सीईओ जैक डोरसी के पहले ट्वीट की नीलामी में 2.5 मिलियन डॉलर की बोली लगी
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में भारी विरोध के बाद ट्विटर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के साथ-साथ अरूण कुमार, सुरेश जोशी और कृष्ण गोपाल के अकाउंट पर ब्लू टिक को वापस करना पड़ा है। बता दें कि इससे पहले शनिवार सुबह ट्विटर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई नेताओं के निजी ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया था। हालांकि इस फैसले पर बवाल बढऩे के बाद ट्विटर ने नायडू के ट्विटर हैंडल पर दोबारा ब्लू टिक लगा दिया था।

फॉलो करने वालों की संख्या बढ़ी

खास बात यह है कि ब्लू टिक हटाने और वापस आने तक हुए इस विवाद के बाद इन हस्तियों को फॉलो करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होता दिखाई दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के फॉलोअर्स की संख्या की बात करें तो ब्लू टिक हटाए जाने पर यह 207.9 हजार थे, जबकि ब्लू टिक वापस आने तक यह बढ़ा 214.3 हजार पर पहुंच गई। इस तरह देखें तो भागवत को फॉलो करने वालों की संख्या में करीब 6 लाख 40 हजार का इजाफा हुआ।  कुछ ऐसा ही वेंकैया नायडू के मामले में भी देखने को मिला। ब्लू टिक हटने पर नायडू के 1.2 मिलियन फॉलोअर थे। वहीं ब्लू टिक वापस आने पर यह संख्या बढ़कर 1.3 मिलियन हो गई।

ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि कंपनी ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत आरएसएस के कई नेताओं के ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक को हटा दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि मोहन भागवत ने अपने ट्विटर हैंडल से अभी तक एक भी ट्वीट नहीं किया है, इसलिए उनके हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया गया है।

2019 में बनाया ट्विटर अकाउंट, अभी तक एक ट्वीट नहीं

बता दें कि मोहन भागवत ने अपना ट्विटर अकाउंट साल 2019 में बनाया था और अभी तक उनके निजी ट्विटर हैंडल से कोई ट्वीट नहीं किया गया है। मोहन भागवत से पहले आरएसएस नेता सुरेश सोनी, सुरेश जोशी और अरूण कुमार के निजी ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया था।


Share