‘अब ताइवान का नंबर है… ‘ यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ट्रंप ने जताई आशंका

'Now Taiwan's number is...' Trump expressed apprehension after Russia's attack on Ukraine
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वॉशिंगटन (एजेंसी)। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई आशंका को जन्म दे दिया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि अब अगला नंबर ताइवान का है। ट्रंप ने भविष्यवाणी की है कि यूक्रेनी क्षेत्र को स्वतंत्र पीपुल्स रिपब्लिक का मान्यता देने का रूस का कदम चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को प्रेरित कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि जिनपिंग जल्द ही ताइवान पर कब्जा करने का प्रयास कर सकते हैं। दो दिन पहले ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी इसी बात की चिंता जताई थी। प्र.म. जॉनसन ने कहा था कि चीन पूर्वी यूरोप में जारी यूक्रेन संकट का फायदा उठाकर ताइवान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर सकता है। दो बड़े वैश्विक नेताओं के ताइवान को लेकर किए गए दावे से दक्षिण चीन सागर में भी तनाव बढ़ सकता है। चीन लगातार ताइवान को लेकर आक्रामक रूख दिखाता रहा है।

‘ताइवान पर हमला कर सकते हैं जिनपिंग’

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक रेडियो इंटरव्यू में कहा कि डोनेट्स्क और लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक की रूस की मान्यता के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान पर कदम उठाने का प्रयास करेंगे। द क्ले ट्रैविस और बक सेक्सटन शो में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर हम वहां होते तो ऐसा कभी नहीं होता। ट्रंप ने पुतिन के बारे में दावा किया कि मुझे लगता है कि वह इस अवसर को देख रहे हैं। मुझे पता था कि वह हमेशा यूक्रेन को चाहते थे। मैंने उनसे इस बारे में बात भी की थी। मैंने कहा था कि आप ऐसा नहीं कर सकते हैं ।

ट्रंप बोले- चीन और ताइवान जुड़वा बहनें

होस्ट एंकर ने ट्रंप से पूछा कि क्या चीन अब ताइवान पर कब्जा करने वाला है। इस सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि हां, बिलकुल। वे ओलिंपिक के खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। अब यह खत्म हो चुका है। मैंने अपनी स्टॉपवॉच देखी है। ।

ब्रिटिश प्र.म. ने भी जताया था ताइवान को लेकर डर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चेतावनी दी थी कि अगर पश्चिमी राष्ट्र यूक्रेन की स्वतंत्रता का समर्थन करने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे तो दुनिया भर में हानिकारक परिणाम होंगे। जॉनसन ने म्यूनिख में एक सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि हम पूरी तरह से नहीं जानते कि राष्ट्रपति पुतिन का क्या इरादा है, लेकिन संकेत गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन संकट में है, तो यह झटका दुनिया भर में गूंजेगा और उन गूंज को पूर्वी एशिया में सुना जाएगा, ताइवान में सुना जाएगा। लोग यह निष्कर्ष निकालेंगे कि आक्रामकता भुगतान करती है, और यह सही हो सकता है।

चीन के लड़ाकू विमानों ने फिर की ताइवान में घुसपैठ

रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के दिन ही चीन के 9 लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की। पर पहले से ही सतर्क ताइवानी वायु सेना ने चीन के लड़ाकू विमानों को तुरंत खदेड़ दिया। एक दिन पहले ही ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने यूक्रेन संकट पर गठित राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की कार्यकारी समूह की बैठक की थी।

इस दौरान उन्होंने ताइवान की सेना और वायु सेना से अलर्ट लेवल को बढ़ाने का अनुरोध किया था। त्साई ने कहा था कि कुछ विदेशी ताकतें पूर्वी यूरोप में जारी संकट के जरिए ताइवानी लोगों के मनोबल को तोडऩे का प्रयास कर रही हैं।


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