तीन साल तक समुद्र में चला ट्रायल, अब नेवी का हिस्सा बनने को तैयार

तीन साल तक समुद्र में चला ट्रायल
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश की दूसरी परमाणु पनडुब्बी 2020 के आखिर तक समंदर में गोते लगाने को तैयार है। आईएनएस अरिघात का समुद्र में तीन साल तक ट्रायल चला है। 2017 में इस पनडुब्बी की लॉन्चिंग बेहद गुपचुप तरीके से हुई थी। पहले इस पनडुब्बी का नाम आईएनएस अरिदमन था जिसे लॉन्चिंग के वक्त बदल दिया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अरिहंत क्लास की यह दूसरी पनपडुब्बी साल के अंत तक भारतीय नौसेना का हिस्सा बन जाएगी। इसे विशाखापट्नम के शिपबिल्डिंग सेंटर में ऐडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (एटीवी) प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। भारत की पहली बैलिस्टिक परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत है जिसे 2009 में लॉन्च किया गया था। नौ साल लंबे ट्रायल के बाद, उसे अगस्त 2016 में कमिशन किया गया।

आईएनएस अरिघात में क्या है खास?

इस पनडुब्बी में सात ब्लेड वाला प्रापेलर लगा है जिसे प्रेशराइज्ड वाटर रिएक्टर के जरिए चलाया जाता है। समुद्र की सतह पर इसकी अधिकतम रफ्तार 12-15 नॉटिकल मील (22-28 किलोमीटर) प्रति घंटा है। समुद्र की गहराइयों में इसकी रफ्तार 24 नॉट्स प्रति घंटा हो जाती है। इस पनडुब्बी में आईएनएस अरिहंत की तरह चार लॉन्च ट्यूब्स हैं। आईएनएस अरिघात अपने साथ 12 के-15 सागरिका मिसाइलें ले जा सकती है जिनकी रेंज 750 किलोमीटर तक है। या फिर इसपर चार के-4 मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं जिनकी रेंज 3,500 किलोमीटर तक है। फिलहाल के-4 मिसाइलें डेवलप की जा रही हैं।

आईएनएस अरिघात भी आईएनएस अरिहंत की तरह एक बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन है। 6,000 टन वजनी और 112 मीटर लंबी यह पनडुब्बी देश में ही बने 80 मेगावॉट के न्यूक्लियर पावर प्लांट से चलती है। के-15 की रेंज 750 किलोमीटर है जो इसे पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा बनाती है। जब के-4 मिसाइलें लग जाएंगी तो भारत की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएंगी।

दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेनाओं में से एक है अपनी नौसेना

भारतीय नौसेना दुनिया की सबसे बड़ी नौसेनाओं में से एक है। उसके पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर है और दूसरा जल्द आने वाला है। इसके अलावा नेवी के पास एक एम्फीबियस ट्रांसपोर्ट डॉक, 8 लैंडिंग शिप टैंक्स, 10 डिस्ट्रॉयर, 13 फ्रिजेट्स, 1 न्यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन, 2 बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां, 15 परंपरागत अटैक पनडुब्बियां, 23 कॉरवेट्स, 10 बड़े पैट्रोलिंग जहाज, 4 फ्लीट टैंकर्स और कई अन्य जहाज हैं। इसके अलावा कोस्ट गार्ड्स के पास भी करीब 150 हथियारबंद छोटे-बड़े जहाज हैं।


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