रेल से हो सकेगी अंबाजी शक्तिपीठ तक की यात्रा, तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड़ नई रेल लाइन को मंजूरी

Achievement of making 1088 km new line and 78119 wheels
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नई दिल्ली (एजेंसी)। केन्द्र सरकार ने देश में पर्यटन विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुजरात में तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड़ नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है जिससे देश में 51 शक्तिपीठों में से एक अंबाजी तीर्थस्थल तक आवागमन आसान हो जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस परियोजना के तहत 116.65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बनायी जायेगी जिस पर 2798.16 करोड़ रूपये का खर्च आयेगा तथा इसके वर्ष 2026-27 तक पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन के पूरा होने से क्षेत्र में संपर्क और आवागमन बढ़ेगा तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अंबाजी एक प्रसिद्ध महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और भारत में 51 शक्तिपीठों में से एक है तथा हर साल गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों व विदेशों से लाखों श्रद्धालु वहां जाते हैं। इसके अलावा, तरंगा हिल में अजीतनाथ जैन मंदिर (24 पवित्र जैन तीर्थंकरों में से एक) के दर्शन करने वाले भक्तों को भी इससे बहुत लाभ होगा। तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड के बीच यह नई रेलवे लाइन इन दो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को रेलवे के मुख्य नेटवर्क से जोड़ेगी। इस लाइन से कृषि और स्थानीय उत्पादों के शीघ्र लाने-ले जाने की सुविधा होगी और गुजरात व राजस्थान के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी लोगों की आवाजाही बेहतर बनेगी। यह परियोजना मौजूदा अहमदाबाद-आबू रोड रेलवे लाइन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी मुहैया करायेगी। प्रस्तावित दोहरीकरण से यह लाइन राजस्थान के सिरोही जिले और गुजरात के बनासकांठा तथा मेहसाणा जिलों से होकर गुजरेगी।


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