ट्रेन संचालन हुआ बहाल : दोपहर में आई असारवा-उदयपुर ट्रेन

Train operations restored: Asarva-Udaipur train arrived in the afternoon
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एनआईए, एनएसजी, एटीएस, सीआईडी, गुजरात पुलिस, रेलवे पुलिस मौके पर

क्षेत्र में लाईसेंसी डिटोनेटर और छड़ें बेचने वालों पर दबिश, रिकार्ड खंगाला

नगर संवाददाता . उदयपुर। उदयपुर-अहमदाबाद ट्रेन के ओड़ा स्थित पुलिया पर रविवार को हुए ब्लास्ट के बाद सोमवार को एनआईए, एनएसजी, एटीएस, सीआईडी, गुजरात पुलिस की टीम भी मौके पर आई और जांच शुरू की। इन टीमों ने मौके से फिर से साक्ष्य एकत्रित किए। इस पुलिस की टीम इस प्रकरण में लगातार क्षेत्र में ही लाईसेंस बारूद व डोटेनटर बेचने वालों से पूछताछ कर रही है और उनका रिकार्ड व हिस्ट्री खंगाल रही और उनके दस्तावेजों की जांच भी कर रही है। ट्रेन का ट्रेक उड़ाने की घटना को पुलिस ने यूएपीए में प्रकरण दर्ज किया है, जिसकी जांच की जा रही है। वहीं सोमवार को इस ट्रेक पर ट्रेन का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया और सुबह पुल पर ट्रायल ट्रेन आई, उसके बाद मालगाड़ी गुजरी।  दोपहर को अहमदाबाद से उदयपुर आने वाली ट्रेन भी उदयपुर पहुंच गई।

यूएपीए में मामला दर्ज – हर एंगल से जांच कर रही है एजेसिंया

उदयपुर-अहदाबाद ट्रेन के ओड़ा स्थित पुलिया पर शनिवार शाम को कुछ बदमाशों ने ब्लास्ट कर पटरी को क्रेक कर दिया था, जिसके बाद से ही पुलिस टीम हरकत में आई है। मामला बड़ा होने पर इस प्रकरण की जांच एनआईए और एनएसजी से करवाई जा रही है। केन्द्र सरकार के आदेश पर सोमवार सुबह एनआईए और एनएसजी की टीमें उदयपुर पहुँच गई और उदयपुर से सीधा वे मौके पर गए, जहां पर जांच शुरू की। दोनों ही टीमों के अधिकारियों ने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए और पुलिस अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इधर सोमवार को मौके पर आईजी प्रफुल्ल कुमार, एसपी विकास शर्मा के साथ-साथ एएसपी मुकेश सांखला, मंजीत सिंह के साथ स्थानीय पुलिस अधिकारी पहुँच गए। मौके पर सीआईडी जोन के एएसपी विक्रम सिंह और डिप्टी चांदमल भी अपनी टीम के साथ पहुँचे और अपनी जांच शुरू की। वहीं मौके पर एटीएस के एएसपी अनंत कुमार भी अपनी टीम के साथ पहुँचे और जांच शुरू की। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की ऐजेन्सियां अपने स्तर पर जांच कर रही है। सोमवार को गुजरात पुलिस से भी डिप्टी स्तर का अधिकारी अपनी टम के साथ मौके पर पहुँचा और गुजरात पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। मौके पर आई केन्द्र और राज्य की जांच ऐजेन्सियां दिनभर मौके पर ही रही और अपने-अपने अधिकारियों के साथ विस्फोट की भयावहत को लेकर जांच करते रहे। इधर पुलिस और सीआईडी की टीमों ने केवड़ा, जावरमाइंस, ऋषभदेव, बाबरमाल, जावरमाइंस सहित विभिन्न कस्बों में विस्फोटक बेचने वालों के वहां पर दबिश दी और पूछताछ की। मौके पर रविवार को मिले विस्फोटक सुपर पॉवर 90 के इन क्षेत्रों में अधिकृत डिलरों के वहां पर भी दबिश दी और इनसे पूछताछ की। इनके अलावा अन्य जो भी इन क्षेत्र में विभिन्न विस्फोटक कंपनियों के डिलर है वहां पर भी इन टीमों ने दबिश दी और सभी डिलरों के दस्तावेज चैक किए। साथ ही यह भी पता किया कि इन दिनों में इन डिलरों ने किन-किन को विस्फोटक बेचा है और किस मात्रा में बेचा है। इन सभी डिलरों के पुलिस रिकार्ड और पुरानी हिस्ट्री को भी चैक किया जा रहा है। साथ ही यह भी पूछताछ की कि इन क्षेत्रों में कौन-कौन अवैध रूप से विस्फोटक खरीदता या बेचता है ताकी उनका पता लगाकर उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जा सकें। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हाल में ही सबसे ज्यादा विस्फोटक कौन लेकर गया था।  पुलिस अधिकारियों का मानना है कि क पटरी पर विस्फोटक लगाए गए थे और इसका मकसद आम लोगों में आतंक फैलाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाना था। पुलिस ने इस मामले में यूएपीए की धारा 16 (आतंकी कृत्य की सजद्म) और धारा 18 (आतंकी कृत्य करना) में एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और जनता और संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 150, 151 और 285 भी लगाई है।


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