कबाड़ी के व्यापारी ने 14.13 करोड़ की जीएसटी की चोरी

कबाड़ी के व्यापारी ने 14.13 करोड़ की जीएसटी की चोरी
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उदयपुर (प्रासं)। सैन्ट्रल जीएसटी की टीम ने गुरूवार को शहर के एक कबाड़ी के व्यापारी को 14 करोड़ 13 लाख रूपए की जीएसटी चोरी में पकड़ा है। आरोपी व्यापारी पंजाब का रहने वाला है और महिने में दो बार उदयपुर आता है। यहां पर वह कबाड़ खरीदकर फर्जी फर्मों से बिल बनाकर बिहार और गुजरात में बेचता था और जीएसटी की चोरी करता था।

आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार सेंट्रल जीएसटी की टीम को लम्बे समय से सूचना मिल रही थी कि पंजाब के गोविंदगढ़ का रहने वाले पवन कुमार शर्मा जीएसटी चोरी करता है। यह छोटे-छोटे कबाड़ी के व्यापारियों से माल खरीदता था और बाद में फर्जी फर्मों से बिल बनाकर उन्हें बेच देता था। इस तरह से इसने विभाग को 14 करोड़ 13 लाख रूपए की जीएसटी चोरी की है।

जीएसटी की टीम इस आरोपी की तलाश कर रही थी और इस आरोपी को सुखेर क्षेत्र में एक होटल में होने की सूचना मिली। इस पर एडिशनल कमिश्रर पीयूष भाटी के नेतृत्व में असिस्टेंट कमिश्रर अशोक जेठवा, सुपरिटेंड राजेश, इंस्पेक्टर आदित्य, गौरव और अनूप की टीम ने इस होटल पर दबिश दी और जीएसटी चोरी करने में पवन कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कमरे की तलाशी में आरोपी के पास से उसकी फर्जी कंपनियों के दस्तावेज के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए है। आरोपी को बाद में जोधपुर में पेश किया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

फर्जी जीएसटी क्रेडिट शो करने के लिये फर्जी फर्म और फर्जी बिलों का सहारा

जांच में सामने आया कि आरोपी पवन कुमार फर्जी जीएसटी क्रेडिट शो करने के लिए फर्जी फर्मों और फर्जी बिलों का सहारा लेता था और इसके माध्यम से ही सरकार को चूना लगा रहा था। यह आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से उदयपुर आ रहा था। यहां पर स्थानीय कबाडिय़ों से बिना बिल माल खरीदता था और बाद में अपनी फर्जी फर्मों के माध्यम से फेक वाउचर बनाकर उन्हें बेचता था।  जीएसटी की चोरी करता था।

गुजरात, बिहार, दिल्ली से फर्जी बिल बनवाता था

अधिकारियों ने बताया कि यह आरोपी गुजरात, बिहार और दिल्ली की विभिन्न कंपनियों से फर्जी बिल बनवाता था, वह जीएसटी की क्रेडिट दिखाता था और जीएसटी की चोरी कर रहा था। अधिकारियों ने दिल्ली, गुजरात और बिहार की जीएसटी टीमों को भी उन कंपरियों की सूचना दी है जो इसमें शामिल है। उनके खिलाफ संबंधित टीमें कार्यवाही करेंगी।

3 कंपनियों को बंद कर चुका है जीएसटी विभाग

जीएसटी टीम की पूछताछ में सामने आया कि पवन कुमार शर्मा अब तक करीब आठ से दस फर्जी कंपनियां बना चुका है। ये कंपनियां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाई गई थी। इनमें एक दो महीने में ही करोड़ों रूपये का ट्रांजेक्शन करने के बाद उन्हें बंद कर दिया जाता। इनमें से तीन कंपनियों को तो विभाग बंद भी चुका है। इसके बाद आरोपी के पास पांच अन्य कंपनियों के दस्तावेज थे।

करीबन 80 करोड़ का ट्रांजेक्शन बता चुका है

अधिकारियों के अनुसार आरोपी पवन कुमार शर्मा फर्जी कंपनियों के माध्यम से अब तक करीब 80 करोड़ रूपये के आसपास का ट्रांजेक्शन बता चुका है। उसी के आधार पर जीएसटी विभाग ने 14 करोड़ 13 लाख रूपये की चोरी पकड़ी है।


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