आज दोप. 1.30 बजे से ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट & टीम इंडिया का मिशन दक्षिण अफ्रीका, इतिहास रचने उतरेगी कोहली एंड कंपनी | श्रेयस, पुजारा या रहाणे तीनों में से किसे बाहर करेंगे कप्तान कोहली

Today afternoon 'Boxing Day' Test from 1.30 pm & Team India's mission South Africa - Kohli and company to create history
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सेंचुरियन (एजेंसी)।  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को उसकी धरती पर शिकस्त देने के बाद अब दक्षिण अफ्रीका में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने के लिए प्रतिबद्ध भारतीय टीम के लिए रविवार को ‘बॉक्सिंग डे’ से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए सही संयोजन के साथ मैदान पर उतरना एक चुनौती होगी। क्रिसमस के अगले दिन होने वाले मैच को ‘बॉक्सिंग डे’ कहा जाता है।

दोनों टीमों के बीच अब तक 5 बॉक्सिंग-डे टेस्ट मैच खेले गए हैं। इन पांच टेस्ट में टीम इंडिया को 4 में हार मिली है और एक मैच टीम इंडिया ने जीता है। ये मैच 2010 में खेला गया था। वहीं, भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 बॉक्सिंग-डे टेस्ट मैच खेले हैं।

कप्तान विराट कोहली के लिए पांचवें नंबर के बल्लेबाज के रूप में कम अनुभवी श्रेयस अय्यर और अनुभवी लेकिन खराब फॉर्म में चल रहे अजिंक्य रहाणे या चेतेश्वर पुजारा में से किसी एक का चयन करना आसान नहीं होगा।

यही नहीं पांचवें गेंदबाज के रूप में शार्दुल ठाकुर या इशांत शर्मा में से किसी एक को चुनने के लिए भी माथापच्ची करनी होगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में भारतीय टीम प्रबंधन ने रहाणे और इशांत को चोटिल बताकर बाहर कर दिया था लेकिन यदि वे रविवार को अंतिम एकादश में स्थान नहीं बना पाते हैं तो यही माना जाएगा कि उन्हें बाहर किया गया है।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला पहला टेस्ट मैच भारतीय समयानुसार दोपहर बाद 1 बजकर 30 मिनट से खेला जाएगा।

अनुभवहीन द.अफ्रीका पर दबदबा बनाने की कोशिश करेगी टीम इंडिया

कोहली उस टीम के खिलाफ अपना दबदबा बनाने की कोशिश करेंगे जिसके केवल दो खिलाडिय़ों कप्तान डीन एल्गर (69 टेस्ट) और विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (53 टेस्ट) ने ही 50 से अधिक मैच खेले हैं। भारत के लिए अच्छी खबर है कि कैगिसो रबाडा का साथ देने के लिए विश्व के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक एनरिच नोत्जे नहीं होंगे। कोहली को जहां एक अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही टीम के खिलाफ अपने खिलाडिय़ों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना होगा वहीं उन्हें स्वयं भी बड़ी पारी खेलनी होगी क्योंकि वह 2019 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाये हैं।

द. अफ्रीका में कभी भी श्रृंखला नहीं जीत पाया भारत

भारत ने दक्षिण अफ्रीका का पहला दौरा 1992 में किया था लेकिन वह अभी तक यहां टेस्ट श्रृंखला नहीं जीत पाया है। ऐसे में कोहली यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले कप्तान बनने के लिये कोई कसर नहीं छोडऩा चाहेंगे। दक्षिण अफ्रीका अब पहले की तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मजबूत टीम नहीं रही क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से वह परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। इसे देखते हुए कोहली और उनकी टीम के लिए इसे बेहतरीन मौका माना जा रहा है। भारतीय टीम अपनी प्रतिंद्वंद्वी टीम से बेहतर नजर आती है और अगर वह मैदान पर भी खुद को बेहतर साबित करती है तो वह पहली बार दक्षिण अफ्रीका में श्रृंखला जीतने में भी सफल रहेगी।


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