यह सिर्फ रिश्वत कमाने का जरिया

'लॉकडाउन गया है, कोरोना नहीं, बिगडऩे न दें स्थिति'
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भागलपुर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरूआत कर दी है। शुक्रवार को उन्होंने सासाराम, गया और भागलपुर में तीन जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ रहे। भागलपुर की आखिरी रैली में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने तेजस्वी यादव के 10 लाख सरकारी नौकरियों को वादे पर भी निशाना साधा। बगैर नाम लिए ही प्र.म. मोदी ने कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ रिश्वत कमाने का जरिया भर है।

मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने सरकारी नौकरियों को रिश्वत का  जरिया बना लिया था, वे फिर से युवाओं पर नजर गड़ाए बैठे हैं। उन्हें नौकरी से मतलब नहीं बल्कि रिश्वत का साधन चाहिए। बिहार की जनता उनके इस चाल को समझ चुकी है और उन्हें इसमें सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जब मौका मिले तो उन्होंने राज्य की जनता का कल्याण करने की बजाय सिर्फ अपनी तिजोरियों को भरा और अब नौकरी की बात कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने लालू-राबड़ी के 15 साल के कार्यकाल पर कहा कि बिहार की तब क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपा नहीं है। गुंडों और अपराधियों का राज था। एनडीए की सरकार आने के बाद ऐसे लोगों को जेल भेजा गया। बिहार की जनता फिर उस दौर में नहीं जाना चाहती है। महागठबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज तो स्थिति यह हो गई है कि देश विरोधी ताकतों से हाथ मिलाते हुए लोग हिचकिचा नहीं रहे हैं। कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग एमएसपी और मंडी को लेकर किसानों में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने पूछा कि राजद की सरकार 15 साल तक रही, तब उन्हें किसानों के एमएसपी की याद नहीं आई। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने एमएसपी को बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दिया है। बिहार में एपीएमसी एक्ट को पहले ही खत्म कर दिया गया है। अब यहां के किसानों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम चल रहा है।

अपनी बात को खत्म करते हुए प्र.म. मोदी ने जनता से एक अपील भी की। उन्होंने कहा कि त्यौहारों का सीजन आ गया है। मैं आप लोगों से कहना चाहता हूं कि लोकल सामान ही खरीदें। इससे हमारे अपने व्यापारियों को काफी ताकत मिलेगी।


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