वार्ता के बाद डूंगरपुर-खेरवाड़ा में हुई शांति, ऋषभदेव-झाड़ोल में भड़के आंदोलनकारी

वार्ता के बाद डूंगरपुर-खेरवाड़ा में हुई शांति
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नगर संवाददाता . उदयपुर। शिक्षक भर्ती में आरक्षण की आग में जल रहा जिले का आदिवासी अंचल का आंदोलन धीरे-धीरे अब दूसरे क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है। खेरवाड़ा और डूंगरपुर मेें तो वार्ता के बाद माहौल शांत हो गया। पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों और आंदोलनकारियों के बीच हुई वार्ता में चार मांगों पर सहमति बनी है, जिसमें मुख्य रूप से अभ्यार्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने का निर्णय लिया गया है।, लेकिन इस आंदोलन की आग ऋषभदेव और झाडोल में भी पहुंच गई है।

ऋषभदेव में भी उपद्रवियों ने पहाड़ी से पथराव किया और कॉलोनियों में घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों के भी विरोध में आने के कारण वे नीचे नहंी उतर पाए और पहाड़ों से ही पथराव करते रहे। इधर झाडोल में भी नेशनल हाईवे पर आदिवासियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव कर दिया, जिससे एक सरकारी गाड़ी नष्ट हो गई और कर्मचारियो को चोंटे आई है।

शिक्षक भर्ती में सामान्य कोटे की सीटों को भी जनजाति को देने की मांग को लेकर डूंगरपुर के काकरी डूंगरी में कई दिनों से आंदोलन चल रहा था, लेकिन यह आंदोलन तीन दिन पूर्व भड़क गया और उपद्रवियों ने जमकर हंगामा किया। इसमें कई ट्रकों, बसों में आग लगा दी और कई जगहों पर तोडफ़ोड़ करते हुए लूटपाट की।

इस आंदोलन की आग खेरवाड़ा में भी पहुँच गई। खेरवाड़ा मेें उपद्रवियों ने जमकर उपद्रव मचाया और हंगामा किया। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और एक ट्रक लेकर पुलिस पर चढ़ाने का प्रयास किया। पुलिस की ओर से बचाव में किए गए फायर में दो उपद्रवियों की गोली लगने से मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए।

चार मांगों पर बनी सहमति और माने आंदोलन कारी

खेरवाड़ा पंचायत समिति सभागार मेें रविवार को जनजाति मंत्री अर्जुनसिंह बामणिया, पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रघुवीर मीणा, उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा, डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद कनकमल कटारा, पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, बांसवाड़ा विधायक महेन्द्र जीत सिंह मालवीया, खेराड़ा विधायक दयाराम परमार, गणेश घोघरा, बीटीपी विधायक राजकुमार रोत और रामप्रसाद, सलूम्बर विधायक अमृतलाल मीणा, पूर्व मंत्री चन्नीलाल गरासिया, पूर्व विधायक सुशील कटारा, देवेन्द्र कटारा सहित आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि के साथ-साथ आईपीएस अधिकारी एमएल लाठर, दिनेश एमएन, आनंद श्रीवास्तव, संभागीय आयुक्त विकास एस भाले, आईजी बिनिता ठाकुर, उदयपुर जिला कलेक्टर चेतन देवड़ा, डूंगरपुर कलेक्टर कानाराम की बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में निर्णय लिया कि अभ्यार्थियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट मेें एसएलपी लगाई जाएगी, इसके साथ ही जिन दो की मौत हुई है उन्हें राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार मदद की जाएगी।

इसके साथ ही जो सम्पति जली है उसका सर्वे करवाकर उन्हें भी सहायता दी जाएगी। इसके अलावा यह भी तय किया गया है जो पुलिस गिरफ्त में आए है उनकी जांच की जाएगी, यदि वे निर्दोष है तो उन्हें छोड़ा जाएगा।


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