राज्यों को मुफ्त वैक्सीन देने के ऐलान के अगले ही दिन-44 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया, 30% रकम भी जारी

राज्यों को मुफ्त वैक्सीन देने के ऐलान के अगले ही दिन-44 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया, 30% रकम भी जारी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। राज्यों को मुफ्त वैक्सीन देने के ऐलान के अगले ही दिन केंद्र सरकार ने वैक्सीन का एक बड़ा ऑर्डर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को 44 करोड़ वैक्सीन का ऑर्डर जारी किया। इसमें 25 करोड़ कोवीशील्ड और 19 करोड़ कोवैक्सिन शामिल हैं। सरकार ने कंपनियों को ऑर्डर की 30% रकम भी एडवांस में जारी कर दी है।

21 जून से 18 प्लस का फ्री वैक्सीनेशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार राष्ट्र के नाम संदेश में ऐलान किया था कि 21 जून से 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को भी फ्री वैक्सीन का फायदा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीनेशन प्रोग्राम की नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। इसके मुताबिक केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माता कंपनियों से 75% डोज खरीद कर राज्यों को मुफ्त में देगी, लेकिन राज्यों को वैक्सीन के डोज वेस्ट करने से बचना होगा, नहीं तो उन्हें मिलने वाली सप्लाई पर असर पड़ेगा। साथ ही कहा गया है कि प्राइवेट अस्पतालों के लिए वैक्सीन की कीमत मैन्युफैक्चरर कंपनियां ही घोषित करेंगी।

राज्य तय करेंगे वैक्सीनेशन के लिए प्रायोरिटी

केंद्र की तरफ से राज्यों को वैक्सीन के जितने डोज मिलेंगे, उनमें राज्यों को प्राथमिकता तय करनी होगी। इस प्रायोरिटी में हेल्थकेयर वर्कर्स सबसे ऊपर रहेंगे। इसके बाद 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग और फिर उन लोगों को प्राथमिकता देनी होगी, जिनका दूसरा डोज बाकी है। इसके बाद 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का नंबर आएगा। इनके वैक्सीनेशन के लिए राज्य सरकार अपने हिसाब से प्रायोरिटी तय कर सकेगी।

मुफ्त टीका, राशन पर खर्च होंगे 80 हजार करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को ऐलान किया कि 21 जून से देश में हर नागरिक के टीकाकरण का खर्चा केंद्र सरकार के जिम्मे होगा। इसके अलावा महामारी से प्रभावित हुए लाखों-करोड़ों लोगों को दिवाली तक मुफ्त राशन भी दिया जाएगा। हालांकि, इन दोनों ही काम के लिए भारत सरकार को भारी-भरकम खर्चा उठाना पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक, मुफ्त वैक्सीन और राशन मुहैया कराने के लिए  करीब 80 हजार करोड़ रूपये की जरूरत होगी।

मामले के जानकार सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार देश के गरीबों को नवंबर तक मुफ्त राशन देने के लिए अतिरिक्त 70 हजार करोड़ रूपये आवंटित करेगी। इसके अलावा सरकार को मुफ्त टीकाकरण के लिए भी अतिरिक्त 10 हजार करोड़ रूपये की जरूरत पड़ेगी।

प्रधानमंत्री ने सोमवार को केंद्र की पिछली टीकाकरण नीति में बदलाव करते हुए ऐलान किया कि अब 18 साल से ज्यादा आयु वाले सभी नागरिकों के टीकाकरण का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इससे पहले केंद्र सरकार सिर्फ 45 साल से ज्यादा आयु के लाभार्थियों के लिए टीका मुहैया कराती थी और 18 से 44 साल के लोगों के लिए राज्य सरकारें टीका खरीद रही थीं। हालांकि, केंद्र की इस नीति की कई राज्यों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भी आलोचना की थी।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार को 991.2 अरब रूपये का लाभांश आरबीआई से मिला और इसके अलावा संपत्तियों की बिक्री से भी आमदनी की उम्मीद है। अतिरिक्त खर्च को जोड़ लें तो भारत सरकार मुफ्त राशन मुहैया कराने में करीब 1 लाख 13 हजार करोड़ रूपये खर्च करेगी। केंद्र सरकार पहले ही वार्षिक बजट में टीकाकरण के लिए 35 हजार करोड़ रूपये आवंटित कर चुकी है।

देश में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अब तक 23.2 करोड़ लोगों को टीका दिया गया है। इनमें से 3.4 फीसदी लोगों को टीके की दोनों खुराकें लग चुकी हैं। मौजूदा गति से भारत को अपनी 75 फीसदी आबादी को टीका देने में अभी 22 महीने और लगेंगे।


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