श्रीलंका में बदतर हुए हालात, कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रीमंडल ने तत्काल प्रभाव से दिया इस्तीफा, प्रधानमंत्री के बेटे ने भी छोड़ा सभी पद

Court orders ban on former Sri Lankan PM Mahinda Rajapaksa leaving the country
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कोलंबो (एजेंसी)। श्रीलंका में पिछले कुछ महीनों से जारी आर्थिक संकट अब और गहराता जा रहा है। लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं एक मीडिया एजेंसी ने शिक्षा मंत्री के हवाले से कहा कि श्रीलंका के कैबिनेट ने देर रात हुई बैठक में सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। साथ ही श्रीलंकाई पीएम के बेटे नमल राजपक्षे ने भी अपने सभी विभागों से दिया इस्तीफा दे दिया है। पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री और सदन के नेता दिनेश गुणवर्धन ने कहा कि कैबिनेट मंत्रियों ने प्रधान मंत्री महिंदा राजपक्षे को अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि उन्होंने सामूहिक इस्तीफे का कोई कारण नहीं बताया।

हालांकि इससे पहले अटकलें लगाईं जा रहीं थी कि श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। साथ ही श्रीलंका के दो मंत्री नमल राजपक्षे और शशिंद्र राजपक्षे ने भी कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वे पद छोडऩे के लिए तैयार हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण सरकार द्वारा आर्थिक संकट के कथित गलत तरीके से निपटने को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था। सोमवार की सुबह समाप्त होने वाले कर्फ्यू के बावजूद शाम भर व्यापक जन विरोध प्रदर्शन देखा गया। गुस्साई जनता राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रही है।

बेटे नमल राजपक्षे ने भी दिया इस्तीफा

नमल राजपक्षे ने एक ट्वीट में कहा कि मैंने सचिव को तत्काल प्रभाव से सभी विभागों से अपने इस्तीफे के बारे में राष्ट्रपति को सूचित कर दिया है, उम्मीद है कि यह लोगों और श्रीलंका की सरकार के लिए स्थिरता स्थापित करने के लिए महामहिम और प्रधान मंत्री के निर्णय की सहायता कर सकता है। मैं और मेरी पार्टी अपने मतदाताओं के लिए प्रतिबद्ध हूं।

राष्ट्रपति आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन

राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के बाद पहले से ही लागू 36 घंटे के राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू के शीर्ष पर शहर में कफ्र्यू लगाने के बाद रविवार को कोलंबो की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। कफ्र्यू के आदेशों की अवहेलना करते हुए, श्रीलंका के प्रमुख विपक्षी दल समागी जाना बालवेगया के सांसदों ने राष्ट्रपति राजपक्षे के आपातकाल की स्थिति और अन्य प्रतिबंध लगाने के कदम के खिलाफ कोलंबो में सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शन किया।

कफ्र्यू के बावजूद प्रदर्शन

इस बीच कफ्र्यू के खिलाफ देश के दूसरे सबसे बड़े शहर कैंडी के बाहरी इलाके में पेरेडेनिया विश्वविद्यालय के करीब प्रदर्शन कर रहे शोधकर्ताओं और अन्य विद्यार्थियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। विपक्षी समागी जन बालावेग्या पार्टी के सांसद लक्ष्मण किरिएला ने बताया कि पुलिस ने विद्यार्थियों को वापस खदेड़ दिया। इस संबंध में पूछने पर पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया।


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