बंगाल के रण मे राजद और कांग्रेस के रास्ते अलग-अलग

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पटना (एजेंसी)। विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए बिहार का क्षेत्रीय राजनीतिक दल राष्ट्रीय जनता दल पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से समझौता कर चुनावी मैदान में उतर सकता है। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल का कांग्रेस और वामदलों से गठबंधन है।

उम्मीद की जा रही थी कि पश्चिमम बंगाल में महागठबंधन ममता बनर्जी की मदद करेगा। लेकिन कांग्रेस पहले ही ये साफ कर चुकी है कि जरूरत पड़ी तो भाजपा को रोकने के लिए वह पश्चिमम बंगाल में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से गठबंधन कर सकती है।

कांग्रेस का बिहार में भी माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से गठबंधन है और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर होती है। लिहाजा माकपा का साथ देते हुए कांग्रेस के लिए यह कतई संभव नहीं कि वो ममता बनर्जी के साथ भी खड़ी हो जाए।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में ममता और भाजपा दोनों को रोकना राज्य के हित में होगा और कांग्रेस इन दोनों को रोकने के लिए वहां चुनावी मैदान में उतरेगी।

इधर कांग्रेस के सहयोगी राजद के महासचिव और पूर्व मंत्री श्याम रजक कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को रोकने के लिए ममता बनर्जी का साथ देना होगा और उनका दल तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन कर पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगा। भाजपा के बढ़ते कदम को रोकने के लिए राजद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलकर चुनाव लडऩे की योजना बना रहा है ।

राजद की ओर से अब्दुल बारी सिद्धकी और पार्टी के महासचिव श्याम रजक बंगाल जाकर 30 जनवरी को ममता बनर्जी से मिलेंगे। राजद पश्चिम बंगाल में उसी जगह से चुनाव लड़ेगा जहां बिहार के लोगों की संख्या ज्यादा है। कोलकाता, सिलीगुड़ी, बर्धमान, चितरंजन, जलपाईगुड़ी आदि जगहों पर जहां बिहार के लोग ज्यादा संख्या में हैं वहां चुनाव लडऩे की योजना बनाई जा रही है। जिसके लिए ये दोनों नेता ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ मिलकर बातचीत करेंगे।


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