1 हजार करोड़ का मालिक एसीबी की पूछताछ में फूट-फूटकर रोने लगा, पॉलिटिकल कनेक्शन ऐसा कि आईएएस बनाने के लिए 3 बार यूपीएससी भेजा गया था नाम

The owner of 1 thousand crores started crying bitterly in the inquiry of ACB, political connection was such that UPSC was sent 3 times to make IAS.
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)।  बायोफ्यूल अथॉरिटी के सीईओ सुरेंद्र सिंह राठौड़ एसीबी की ढाई घंटे की पूछताछ में रोने लगा। उसे अब जेल जाना है। इसी कारण वह बार-बार अफसरों से जेल नहीं भेजने की मिन्नत करता रहा। रविवार दोपहर 12 से 2.30 बजे तक हुई पूछताछ में सुरेंद्र सिंह ने एसीबी के कई सवालों के जवाब दिए। जवाब में जो जानकारी मिली, उससे एसीबी भी अनजान थी। इसी आधार पर उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज करने की तैयारी चल रही है। उसे रविवार को ही जेल भेज दिया गया था। इंडियन एयरफोर्स में एयरमैन रह चुके सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने 2009 से 2022 तक एक हजार करोड़ रूपए कमाए। साथ ही राजनीतिक और ब्यूरोक्रेसी में अपनी पहुंच बना ली। इसका परिणाम रहा कि सुरेंद्र का नाम तीन बार राज्य सरकार ने आईएएस के लिए यूपीएससी बोर्ड को भेज दिया। राठौड़ ने पूछताछ में एसीबी को बताया कि आईएएस बनने की फाइल बार-बार यूपीएससी से रिजेक्ट होती रही। उसके बाद भी आईएएस की सीट पर पिछले 13 साल से बैठा हुआ था। सीनियर आरएएस, एईएन और जेईएन भी सुरेंद्र सिंह राठौड़ के नीचे काम करते थे।

राजनीति, प्रशासनिक पकड़ थी मजबूत

साल 2009 में ग्रामीण विकास में संविदा पर मैनेजर लगे सुरेंद्र सिंह की लाइजनिंग पूरे राज्य में मशहूर थी। जांच में सामने आया कि सरकार किसी भी पार्टी की हो, राठौड़ के पॉलिटिकल कनेक्शन बड़े मजबूत रहे। इसके चलते उनकी कुर्सी को न कभी बदला गया, न ही किसी ने सोचा। कुछ सीनियर आईएएस और राजनेताओं के साथ उसके संबंधों की एसीबी को पूरी जानकारी मिली है।

कई जगहों पर राठौड़ के संपर्क

पाली, झुंझुनू और अजमेर के कुछ नामी लोगों के साथ राठौड़ के संपर्क भी मिले हैं। सर्विलांस के आधार पर एसीबी आज एक अन्य मुकदमा राठौड़ के खिलाफ दर्ज करने वाली है। इस एफआईआर में वह सभी लोग आरोपी बनेंगे, जिन से पैसों का लेनदेन हुआ है।


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