हत्यारों की कोर्ट में पेशी पांव से चल ही नहीं पाए, वकीलों के आक्रोश हंगामे के बीच पेश किये दोनों आरोपी, केन्द्रीय कारागृह में मजिस्ट्रेट के समक्ष होगी आरोपी की शिनाख्तगी परेड

हत्यारों की कोर्ट में पेशी पांव से चल ही नहीं पाए, वकीलों के आक्रोश हंगामे के बीच पेश किये दोनों आरोपी, केन्द्रीय कारागृह में मजिस्ट्रेट के समक्ष होगी आरोपी की शिनाख्तगी परेड
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उदयपुर. नगर संवाददाता & टेलर मास्टर कन्हैयालाल की निर्मम हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को गुरूवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अधिवक्ताओं एवं आमजन के विरोध के बीच न्यायालय बापर्दा पेश किया जहां उन्हें पुलिस अभिरक्षा में प्राप्त किये जाने के अधिकार को सुरक्षित रखते हुए 13 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिये। इस दौरान दोनों आरोपियों की शिनाख्तगी की परेड कराई जाएगी। 47 मिनिट की कार्यवाही के बाद कमाण्डों से लेस पुलिस बल एवं अधिकारी दोनों आरोपियों को लेकर नीचे उतरे तो अधिवक्ता एवं आमजन नारेबाजी करते हुए उन पर टूट पड़े, लेकिन मुस्तैद एसटीएफ एवं ईआरटी के सशस्त्र कमाण्डों ने भीड़ को पीछे धकेला। दोनों आरोपियों को पुलिस अधिकारियों ने बस में बैठाया तो वकीलों एवं आमजन ने बस को आगे आकर रोक दिया। लेकिन स्पेशल टास्क फोर्स टीम ने अधिवक्ताओं ने पीछे धकेला। बस चालक ने तेजी से अनुसंधान अधिकारी के वाहन के पिछे बस को तेज गति से चलाया। इस दौरान बस दो-तीन जगह टकरा गई, लेकिन चालक ने बस को नहीं रोका, कोर्ट चौराहे पर फिर भीड़ ने बस को घेरने का प्रयास किया लेकिन पुलिस टीम ने वहां ऐसा नहीं होने दिया। जाती हुई बस पर वकीलों एवं आमजन ने हाथ मारे और जमकर आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की।

(एटीएस) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार ने कन्हैयालाल तेली की दुकान में हत्या करने वाले आरोपी मोहम्मद रियाज अतारी पुत्र अब्दुल जब्बार मुसलमान निवासी रजा कॉलोनी किशनपोल सूरजपोल व मोहम्मद गौस पुत्र रफीम मोहम्मद मुसलमान निवासी रजा नगर किशनपोल बाजार सूरजपोल को गिरफ्तार गुरुवार देर शाम को जिला एवं सेशन न्यायालय में अपर लोक अभियोजक कपिल टोडावत के जरिये पेश किया। अनुसंधान अधिकारी एएसपी अनंत कुमार ने सेशन न्यायाधीश भुवन गोयल को बताया कि मामले में अनुसंधान स्टेट पुलिस द्वारा किया जा रहा है एवं इसका अनुसंधान वर्तमान में नेशनल इंटलीजेंस एजेंसी द्वारा नहीं किया जा रहा है तथा उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों को मेडिकल टेस्ट करवा दिया है, इनका कोविड-19 का टेस्ट करवाया जाना बाकी है। अपर लोक अभियोजक ने दोनों आरोपियों की केन्द्रीय कारागृह में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शिनाख्तगी परेड करानी है इसलिए इन्हें पुलिस रिमांड को सुरक्षित रखते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाए। लोक अभियोजक एवं अनुसंधान अधिकारी के तर्को को सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी भुवन गोयल ने दोनों आरोपियों को आगामी आदेश तक बापर्दा रखने और 13 जुलाई तक पुलिस अभिरक्षा को सुरक्षित रखते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिये। इस दौरान यदि पुलिस को इनके खिलाफ जांच की आवश्यकता होगी तो पुन: रिमांड पर ले सकेंगे। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस अधिकारी जाब्ते के साथ मौजूद थे।

चोटे कैसे आई

पीठासीन अधिकारी भुवन गोयल ने अदालत में पेश किये गये दोनों आरोपी रियाज व गौस मोहम्मद से पूछा कि चोटे कैसे आई तो उन्होंने बताया कि वारदात के बाद भागते समय गिरने-पडऩे से उन्हें चोटे आई। दोनों आरोपियों को घसीटतें हुए पिछले रास्ते से लिफ्ट के जरिये अदालत में पेश किया।

सेशन कोर्ट में किया पेश

आरोपियों को पेश करने के दौरान पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार न्यायालय में आए और उन्होंने अधिवक्ता से सहयोग की अपील की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने लोक अभियोजक के साथ सेशन न्यायाधीश भुवन गोयल से मुलाकात की और घटनाक्रम के बारे में बताया और बताया कि आरोपियों के खिलाफ जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है वे धाराएं अधिनस्थ न्यायालय के क्षैत्राधिकार में नहीं आती है। इस पर आरोपियों को डीजे कोर्ट में पेश करने का फैसला हुआ।

45 मिनट तक चली सुनवाई

दोनों आरोपियों को एटीएस के एएसपी ने कड़ी सुरक्षा के बीच दो गाडिय़ों के एस्कोर्ट के साथ स्पेशल टास्क फोर्स एवं इमरजेंसी रिस्पोंस टीम के सशस्त्र कमाण्डों के साथ दोनों को लेकर 5.50 बजे न्यायालय में पहुंची। इसके बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच पिछले रास्ते से लिफ्ट के द्वारा सेशन न्यायालय में लाया गया। इस दौरान न्यायालय में सीनियर एवं जूनियर अधिवक्ता पहले से ही मौजूद थे। 5.57 बजे दोनों को सेशन न्यायालय में पेश किया, जहां पर लम्बी सुनवाई के बाद 6.51 बजे दोनों के खिलाफ बापर्दा रखते हुए न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिये गये। उसके बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय के नीचे उतारा, जैसे ही लिफ्ट के बाहर निकले तो अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम, कमाण्डों एवं अधिकारियों ने धैयर्ता रखते हुए अधिवक्ता एवं आमजन को पिछे धकेलते हुए दोनों को बस में बैठाया। बस चालक द्वारा काफी मशक्कत करते हुए बस को न्यायालय परिसर से बाहर ले जाने में सफल रहा।

अधिवक्ताओं और पुलिस टीम के बीच धक्का-मुक्की

आरोपियों को जैसे ही न्यायालय परिसर से पेश करने के बाद बस में बैठाने के लिए जैसे ही गेट के वहां पहुंचने लगे उस दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस एवं एसटीएफ एवं ईआरटी के कमाण्डों के साथ धक्कामुक्की कर दोनों आरोपियों को मारने के लिए लपके। पीसीपीएनडीटी कोर्ट के बाद एकत्र अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए कमाण्डों व एसटीएफ के जवानों के साथ धक्कामुक्की करने लगे। दोनों के बीच जबरदस्त धक्कामुक्की हुई लेकिन आखिरकार कमाण्डो दोनों आरोपियों को बस में बैठाने में सफल रहे उसके बाद अधिकारी की गाड़ी आगे एस्कोर्ट करने लगी तो अधिकारी की गाड़ी व बस के बीच में अधिवक्ता एक बार फिर आगे आ गये और बस पर जोर-जोर से हाथ मारकर आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे लेकिन कमाण्डों ने उन्हें वहां से भी हटाया और बस को रवाना किया। चालक ने तीन-चार जगह टकराते हुए बस को मुख्य द्वार से बाहर ले गया लेकिन बाहर मौजूद भीड़ का आक्रोश एक बार फिर पुलिस को झेलना पड़ा लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने यहां पर माहौल को ज्यादा खराब नहीं होने दिया। इस दौरान देशभर से आए मीडियाकर्मी का जमावड़ा भी इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियों को कवर करने में लगा हुआ था।

मामले की जांच फिलहाल एटीएस के पास

एटीएस यूनिट के एएसपी अनंत कुमार ने आरोपी मोहम्मद रियाज व मोहम्मद गौस को भादसं की धारा 449, 307, 324, 302, 153क, 153ख, 295क एवं 34 तथा विधि विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1967 की धारा 16, 18 व 20 के तहत बापर्दा दोनों आरोपियों को पेश किया। एएसपी ने बताया कि मामले का अनुसंधान स्टेट पुलिस द्वारा किया जा रहा है एवं इसका अनुसंधान वर्तमान में नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी द्वारा नहीं किया जा रहा है। यदि उन्हें मामले में आवश्यकता होगी तो वे जयपुर एनएआई की स्पेशल कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर गिरफ्तार कर लेगी।

एक माह में आरोपियों को हो सजा – गहलोत

मृतक कन्हैयालाल के परिजनों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस घटना से पूरा राज्य ही नहीं पूरा देश हिल गया है। गहलोत ने कहा कि मामले की जांच एनआईए कर रही है और एसआईटी सहयोग कर रही है। गहलोत ने कहा कि वे गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और इस मामले को फास्ट ट्रेक में चलाया जाए और केन्द्र सरकार को यह प्रयास करना चाहिए कि मामले में एक माह में सजा हो जाए। गहलोत ने कहा कि यह इन आरोपियों ने खुद ही विडियों जारी कर चश्मदीद गवाह बन गए है। मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों पर गहलोत ने कहा कि एसआईटी जो जांच कर रही है उसमें सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और उचित कार्यवाही की जाएगी।


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