जिस जज ने दिया राम मंदिर पर फैसला, उसे भूमि पूजन में भेजें न्योता: शिवसेना

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जिस जज ने दिया राम मंदिर पर फैसला, उसे भूमि पूजन में भेजें न्योता: शिवसेना

मुंबई  (कार्यालय संवाददाता)।  अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भूमि पूजन की तैयारियां चल रही है। मेहमानों की सूची के अंतिम रूप में दिया जा रहा है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए आयोजित होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम शामिल होंगे।

इस बीच एनडीए की पूर्व सहयोगी शिवसेना ने मांग की है कि भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए मेहमानों की सूची में राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का नाम भी शामिल किया जाए। पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि कई रामभक्तों के त्याग के कारण राम मंदिर के भूमि पूजन का दिन देखने को मिल रहा है।

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे रंजन गोगोई अब राज्यसभा सदस्य हैं। लेकिन जब वह मुख्य न्यायाधीश की कुर्सी पर थे तो तब उन्होंने ही फैसला सुनाया था, अयोध्या राम की ही है। और मंदिर वहीं बनेगा। ऐसे में मंदिर के भूमि पूजन के लिए जो खास मेहमानों की सूची बनाई जाएगी उसमें सांसद रंजन गोगोई को महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए।

संपादकीय में आगे कहा गया कि लाखों कारसेवकों, शिवसेना जैसे हिंदुत्ववादी संगठन और रंजन गोगोई जैसे रामभक्त के कारण ही राम मंदिर निर्माण के लिए पहली कुदाल चलेगी। पार्टी की तरफ से कहा गया कि राम मंदिर आंदोलन की नींव रखने वाले अशोक सिंघल और शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे आज हमारे बीच नहीं हैं।

मुखपत्र में आडवाणी के जरिये भाजपा पर भी निशाना साधा गया। इसमें कहा गया कि लालकृष्ण आडवाणी ने राम के नाम एक रथ यात्रा निकाली। राम की तरह आडवाणी वनवास में चले गए। कोरोना संकट के बीच 5 अगस्त को सीमित लोगों की उपस्थिति में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन होगा।

रिपोर्ट के अनुसार लगभग 40 किलो चांदी की ईंट से राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास इस संबंध में जानकारी दे चुके हैं। महंत कमल नयन दास के अनुसार प्र.म. मोदी विधिपूर्वक पूजा के जरिये दोपहर 12.15 बजे राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद से मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होगा।


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