वो दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी इंडिया इज मदर ऑफ डेमोक्रेसी

वो दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी इंडिया इज मदर ऑफ डेमोक्रेसी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के इतिहास में गुरूवार का दिन काफी अहम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को नए संसद भवन की नींव रखी, जिसमें आधुनिक सुख सुविधाएं होंगी। भूमि पूजन और सर्वधर्म प्रार्थना के बाद यहां प्रधानमंत्री का संबोधन हुआ। मोदी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और मील का पत्थर साबित होगा। प्र.म. मोदी ने कहा कि देश में अब भारतीयता के विचारों के साथ नई संसद बनने जा रही है, हम देशवासी मिलकर संसद के नए भवन को बनाएंगे। जब भारत अपनी आजादी के 75वें साल का जश्न मनाएगा, तब संसद की इमारत उसकी प्रेरणा होगी। प्र.म. मोदी ने कहा कि अगर हम अपने लोकतंत्र का गुणगान करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब दुनिया कहेगी ‘इंडिया इज मदर ऑफ डेमोक्रेसी’। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भारत के लोग ये प्रण करें कि हमारे लिए देश की चिंता अपनी चिंता होगी, देश का संविधान हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ होगा, देश की अखंडता सबसे पहले होगी। मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर कोई अपने मन में 2047 के लिए संकल्प ले, जब देश की आजादी के सौ साल पूरे होंगे तब हम कैसा देश देखना चाहते हैं।

‘वक्त की जरूरत है नया संसद भवन’

अपने संबोधन में प्र.म. मोदी ने कहा कि इस भवन में बना हर कानून, कही गई हर एक बात हमारे लोकतंत्र की धरोहर है। लेकिन हमें यथार्थ को स्वीकारना जरूरी है, पुरानी इमारत सौ साल की हो रही है।

पिछले कई वक्त में जरूरतों के अनुसार इसमें बदलाव किया गया। इतना ही नहीं लोकसभा में बैठने की जगह बढ़ाने के लिए दीवारों को भी हटाया गया, अब संसद का भवन विश्राम मांग रहा है।  प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 21वें सदी के भारत को नया संसद भवन मिलना जरूरी है। नए संसद भवन में काफी सुविधाएं होंगी, सांसदों को आसानी होगी। प्र.म. मोदी ने बताया कि अगर सांसदों के क्षेत्र से लोग आते हैं, तो पुराने संसद भवन में उसके लिए जगह नहीं है, लेकिन नए संसद भवन में इसके लिए स्थान होगा।

‘देशहित सर्वोपरि हो हमारा संकल्प’

प्र.म. मोदी ने कहा कि 1897 में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 50 साल भारत माता की सेवा ही सर्वोपरि हो। अब जब संसद के नए भवन का शिलान्यास हो रहा है, तो देश को एक नया संकल्प लेना होगा। प्र.म. मोदी ने कहा कि स्वामी के उस संकल्प को याद करते हुए हमें संकल्प लेना है कि भारत सर्वोपरि का। मोदी ने कहा कि हमारा हर निर्णय देशहित में सोचा जाए, हमारा हर फैसला देश के बारे में हो।


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