महू में तैयार हो रहा देश का पहला इन्फेंट्री म्यूजियम -दिखेगी करगिल युद्ध की वीर गाथा

महू में तैयार हो रहा देश का पहला इन्फेंट्री म्यूजियम -दिखेगी करगिल युद्ध की वीर गाथा
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महू (एजेंसी)। देशभर में सोमवार को करगिल विजय दिवस मनाया गया। करगिल युद्ध से जुड़ी वीर गाथाओं को संजोने के लिए सैन्य छावनी महू में अनूठा रूम बनाया जा रहा है। महू में बने देश के पहले इन्फेंट्री म्यूजियम की दूसरी मंजिल पर करगिल वॉर रूम के नाम से इसे तैयार किया जा रहा है। इसमें फोटो गैलरी, स्टैच्यू, म्यूरल्स के जरिए लोगों को करगिल युद्ध से जुड़ी वीर गाथाओं और सैनिकों के बलिदान के बारे में बताया जाएगा। अभी इसका काम शुरूआती दौर में चल रहा है। लगभग दो एकड़ क्षेत्रफल में तीन मंजिला इन्फेंट्री रिसर्च सेंटर और म्यूजियम का निर्माण किया जा रहा है। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें ओरिएंटेशन रूम बनाया गया है। इसके साथ ही बैटल ऑफ प्लासी 1757, बैटल ऑफ सारागढ़ी 1897, बैटल ऑफ बक्सर, भारत-पाक युद्ध 1965 और 1971 के साथ ही शिवाजी व सुभाषचंद्र बोस के इतिहास को संजोया गया है। इसी की दूसरी मंजिल पर करगिल वॉर रूम होगा। इस रूम में करगिल युद्ध से जुड़े वीरों की कहानी को तस्वीरों व फोटो गैलरी के जरिए दर्शाया जाएगा।

युद्ध की पूरी कहानी स्टैच्यू के जरिए

इसके साथ इस युद्ध में चले द्रास ऑपरेशन, ऑपरेशन इन काकसार, ऑपरेशन इन बाटालीक, ऑपरेशन ही इन टूरकुट, फाइनल बैटल और पाकिस्तान के विड्रा करने जैसी जानकारियों को म्यूरल्स और स्टैच्यू के जरिए दिखाया जाएगा। अभी इस रूम में पहले चरण में टाइगर हिल पर फतह करती हमारी सेना का स्टैच्यू बनाने का काम चल रहा है। इस वॉर रूम में भ्रमण करते ही आम लोगों को कुछ ही पल में इस युद्ध से जुड़ी हर छोटी से बड़ी जानकारी हासिल हो जाएगी।

करगिल वॉर रूम के सामने हेलिकॉप्टर से रस्सी से उतरते सैनिक का स्टैच्यू

करगिल वॉर रूम के सामने की तरफ सेना द्वारा एक अनूठा स्टैच्यू बनाया गया। इसमें किसी रेस्क्यू आपरेशन के लिए रस्सी के सहारे हेलिकॉप्टर से उतरते सैनिक को दर्शाया गया। इस स्टैच्यू को इस तरह से बनाया गया है कि इसको दूर से देखने पर लगता है मानो यहां सच में कोई रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। करगिल वॉर रूम से निकलते ही आम लोगों को यह नजारा देखने को मिलेगा।

हर रेजिमेंट के रूम के सामने स्क्रीन लगाई, मिलेगी जानकारी

यहां करगिल वॉर रूम के पास ही रेजिमेंट रूम बनाया गया। इसमें सेना की देशभर में मौजूद 27 रेजिमेंट के इतिहास को संजोया गया है। हर रेजिमेंट के इतिहास के लिए अलग-अलग रूम बनाए गए है। इन रूम में रेजिमेंट की वर्दी, काम की जानकारी का डिस्प्ले है। इसके साथ ही हर रूम में एक छोटी एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। इसमें स्क्रीन को टच करते ही आप रेजिमेंट की जो जानकारी जानना चाहते हैं वह आपको स्क्रीन पर मिल जाएगी।


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