नामांकन करते ही विवाद में घिरे थरूर, घोषणा पत्र में भारत के नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर नहीं दिख रहा

Tharoor embroiled in controversy as soon as he filed nomination, the entire Jammu and Kashmir is not visible in the map of India in the manifesto
Share

नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में नामांकन करने के कुछ घंटे बाद ही शशि थरूर विवाद में घिर गए। दरअसल, थरूर ने अपने प्रचार के लिए एक घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें भारत का गलत नक्शा दिखाया गया है। इस नक्शे में साफ देखा जा सकता है कि उसमें जम्मू-कश्मीर का पूरा हिस्सा नहीं दिखाया गया है। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर आई, लोग थरूर पर बरस पड़े। कई लोगों ने भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए तंज भी कसा है। एक यूजर ने लिखा- मैप तो ठीक लगा लो थरूर साहब। कई ट्विटर यूजर्स ने शशि थरूर को टैग करते हुए गलत मैप का इस्तेमाल करने पर निशाना साधा है। एक राजस्थानी यूजर ने कटाक्ष किया, ये लो जी, दर्शन हो गए भारत जोड़ो के। कुछ यूजर्स तो डिबेट में पाकिस्तान को भी ले आए। एक ने लिखा- पाकिस्तान से दोस्ती है भाई कुछ लोगों की। कई लोगों ने नसीहत देते हुए कहा है कि भारत में इस तरह के मैप का इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध है।

गलती सुधारी, माफी भी मांगी

भारत का गलत नक्शा ट्वीट करने पर शशि थरूर ने माफी मांगी। उन्होंने संशोधित घोषणा पत्र के साथ ट्वीट किया- घोषणापत्र के नक्शे पर ट्रोल तूफान आया है। ऐसी चीजें कोई भी जानबूझकर नहीं करता है। वॉलेंटियर्स की एक छोटी टीम ने गलती की। हमने इसे तुरंत ठीक कर दिया और गलती के लिए मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं।

इंटरव्यू में थरूर ने कही दिल की बात

तिरूवनंतपुरम से सांसद थरूर ने जोर देकर कहा कि वह यह सुनिश्चित करने की पार्टी की प्रतिबद्धता को लेकर आश्वस्त हैं कि अध्यक्ष पद का चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से होगा। उनका मानना है कि एक नया नेता, जिस पर मौजूदा तंत्र में बहुत लंबे समय से उलझे रहने के कारण थकान हावी नहीं हुई है, पार्टी में नई ऊर्जा भर सकता है। ऐसा नेता कांग्रेस द्वारा पिछले कुछ चुनावों में जुटाए गए जनसमर्थन से कहीं अधिक मतदाताओं को आकर्षित कर सकता है।

66 वर्षीय नेता ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि गांधी परिवार इस तथ्य को मान्यता देगा कि वह कांग्रेस का आधार स्तंभ है और बना रहेगा, वह ‘हमारी नैतिक अंतरात्मा और अंतिम मार्गदर्शक’ है और बना रहेगा। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के सदस्य इस भूमिका से पीछे नहीं हट सकते और उन्हें हटना भी नहीं चाहिए, फिर चाहे वे जो भी औपचारिक पद अपने पास रखें।


Share