फेसबुक से पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में रहते हैं आतंकी

फेसबुक से पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में रहते हैं आतंकी
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नई दिल्ली (एजेंसी)। आतंकी संगठन फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। वे इसके जरिए न सिर्फ नए लड़कों को फंसाकर अपने साथ जोड़ रहे हैं, बल्कि इन्हीं माध्यमों के जरिए वे अपने पाकिस्तानी आकाओं के साथ संपर्क में भी रह रहे हैं। मजबूत साइबर सेक्योरिटी के अभाव में सोशल मीडिया आतंकियों के संपर्क का सुरक्षित जरिया साबित हो रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए बब्बर खालसा के दो आतंकियों ने बताया है कि वे इसी के जरिए गरीब, बेरोजगार और युवा लड़कों को फांस रहे हैं।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया है कि बब्बर खालसा के दोनों आतंकियों को शनिवार 5 सितंबर को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार दोनों आतंकियों में से एक भूपिंदर सिंह (41 वर्ष) लुधियाना के ताजपुर का रहने वाला है। जबकि दूसरा आतंकी कुलवंत सिंह (39वर्ष)लुधियाना के ही बिंजाल गांव का रहने वाला है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आतंकी भूपिंदर सिंह ने बताया है कि वह ड्राइवर का कामकाज तलाशने के लिए 2016 में सउदी अरब गया था, लेकिन उसे लंबे समय तक कोई काम नहीं मिला। खाली रहने के दौरान वह फेसबुक पर व्यस्त रहता था। इसी दौरान वह आतंकी विचारधारा से जुड़े लोगों के संपर्क में आया था। इसके कई साथियों को पंजाब पुलिस ने 2017 में आतंकी विचारधारा से संपर्क में रहने और आर्थिक मदद प्राप्त करने के आरोप में 2019 में गिरफ्तार भी किया था। जेल से छूटने के बाद वह दुबारा इन्हीं गतिविधियों में लग गया था।

गिरफ्तार आतंकियों ने बताया है कि पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान के ही खालिस्तानी विचारधारा के संगठनों से वे फेसबुक के जरिए ही बातचीत करते थे। इसी माध्यम से वे उनसे निर्देश भी प्राप्त करते थे। भूपिंदर सिंह खुद भी आतंकी विचारधारा से जुड़े पोस्ट कर लोगों को भ्रमित किया करता था।

पुलिस के मुताबिक इनके निशाने पर उत्तर भारत के कई शीर्ष नेता हो सकते थे। इसके अलावा इन आतंकियों की पंजाब की सतलुज-यमुना लिंक पर भी मतभेद थे। आतंकी उन इंजीनियरों को भी निशाना बनाने वाले थे जो इस लिंक के निर्माण से जुड़े हुए हैं।


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