आंध्र में टीडीपी को आधार खोने का डर

आंध्र में टीडीपी को आधार खोने का डर
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अब भाजपा की बनाई पिच पर करेंगे राजनीति!

अमरावती (एजेंसी)। आंध्र प्रदेश  के विधानसभा और संसदीय चुनावों में बुरी तरह हार का सामना करने वाली तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने राज्य में अपनी पैठ फिर से जमाने के लिए हिन्दुत्ववादी राजनीति की ओर से कदम बढ़ा दिए हैं। राज्य में भारतीय जनता पार्टी  के बढ़ते कदमों के बीच टीडीपी की कोशिश है कि वह भाजपा की पिच पर ही उसे मात दे। हालांकि इस तरह की सांप्रदायिक राजनीति आंध्र के लिए नई है। ऐसे में टीडीपी ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए आक्रामक सदस्यता अभियान शुरू करने की घोषणा कर दी है।

पड़ोसी राज्य तेलंगाना में अपने प्रदर्शन से उत्साहित भाजपा अब आंध्र में तिरूपति संसदीय सीट पर चुनाव लडऩे की योजना बना रही है, जहां  वाईएसआरसीपी के सांसद बी दुर्गाप्रसाद राव के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर के. नागेश्वर राव ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू अपनी पार्टी को एक साथ रखने और भाजपा का मुकाबला करने के लिए भाजपा की रणनीति का उपयोग कर रहे हैं। वह तेलंगाना में भाजपा की हर सफलता के साथ हिंदुत्व की राजनीति को बढ़ा रहे हैं। अगर भाजपा ध्रुवीकरण की अपनी शक्तिशाली राजनीति को तेज कर दे तो वाईएसआरसीपी के समर्थकों के बजाय टीडीपी के समर्थक भाजपा का आधार बन सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो भाजपा आंध्र में टीडीपी की जगह ले लेगी।

वहीं टीडीपी के आक्रामक रूख का सामना करने के लिए भाजपा ने मंगलवार को घोषणा की कि वे विजयनगरम में रामतीर्थम से तिरूपति के पास कपिलथेर्थम तक रथ यात्रा निकालेगी। इस रथ यात्रा की शुरूआत रामतीर्थम से होगी। माना जा रहा है कि इसके पीछे भाजपा की कोई रणनीति है।

टीडीपी ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की

पिछले मंगलवार को विजयनगरम के रामतीर्थम में भगवान राम की 400 साल पुरानी मूर्ति को अपवित्र किया गया था। इसके बाद टीडीपी ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की थी। नायडू ने कहा था- किसी को भी इस तरह की धार्मिक असहिष्णुता नहीं दिखानी चाहिए। अयोध्या में जय श्री राम का नारा गूंज रहा है। रामतीर्थम में भगवान राम मंदिर का स्थान हमेशा सबसे ऊपर रहा है। ऐसे मंदिर में उपद्रवियों ने राम मूर्ति को गिरा दिया, लेकिन सरकार दोषियों को पकडऩे के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।

भाजपा की हिंदुत्ववादी राजनीति ने नायडू को सावधान कर दिया है। प्रो राव ने कहा कि  भाजपा नेता खुले तौर पर दावा कर रहे हैं कि वे जल्द ही टीडीपी को अप्रासंगिक बना देंगे और वाईएसआरसीपी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी होंगे। टीडीपी को कमजोर करने के लिए, भाजपा पहले से ही विभिन्न जातियों के प्रभावशाली टीडीपी नेताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में टीडीपी सतर्क हो गई है।


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