टाटा समूह ने तैयार की कोरोना किट, 90 मिनट में मिलेंगे नतीजे

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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के प्रमुख उद्योग समूह टाटा ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए एक किट लांच की है। इसकी खासियत यह है कि इससे जांच की रिपोर्ट 90 मिनट के भीतर मिल जाएगी और इससे जांच भी बहुत आसान होगी। अभी सबसे भरोसेमंद आरटी-पीसीआर टेस्ट के नतीजे आने में कई घंटे लग जाते हैं। बढ़ते नए मामलों को देखते हुए यह किट बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।

टाटा समूह की स्वास्थ्य संबंधी इकाई मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स (एमडी) ने सरकार के साथ मिलकर यह टेस्ट किट विकसित की है। इसे ‘चेक’ नाम दिया गया है। टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स के सीईओ गिरिश कृष्णमूर्ति ने कहा कि कंपनी की चेन्नई स्थित इकाई में हर महीने 10 लाख किट्स का उत्पादन शुरू होगा, जिसे बाद में बढ़ाया जाएगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि इसके जांच नतीजे रैपिड एंटीजन टेस्ट से बेहतर होंगे। अभी कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट का ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। 60 फीसद टेस्ट रैपिड एंटीजन किट से किए जा रहे हैं। इसमें नतीजे 15 मिनट के भीतर आ जाते हैं, लेकिन इनकी सटीकता को लेकर संदेश रहता है। आरटी-पीसीआर किट से जांच में नतीजे आने में कई घंटे लगते हैं, लेकिन नतीजे सटीक होते हैं।

कृष्णमूर्ति ने कहा कि ‘चेक’ किट से नाक से लिए गए स्वैब की जांच की जाएगी और इसके नतीजे 90 मिनट में आ जाएंगे। इसकी जांच प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और ऑटोमेशन पर आधारित है। अगले महीने से देश के अस्पतालों और प्रयोगशालाओं को इसकी बिक्री शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस किट से जांच के लिए बहुत बड़े और महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं है। इसलिए इससे जांच बहुत आसान होगी और अधिक से अधिक लैब भी इसके जरिये टेस्ट शुरू कर सकेंगे।


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