उदयपुर में फिसली सुरजेवाला की जुबान, बोले- ‘भाजपा सीता मैया की तरह प्रजातंत्र के चीरहरण में लगी’

उदयपुर में फिसली सुरजेवाला की जुबान, बोले- 'भाजपा सीता मैया की तरह प्रजातंत्र के चीरहरण में लगी’
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उदयपुर (नगर संवाददाता)।  कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद के उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला की सीता के चीरहरण को लेकर जुबान फिसल गई। गुरूवार को वे उदयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान द्रोपदी के चीरहरण की जगह वे सीता मैया की चीरहरण बोल गए। सुरजेवाला ने कहा, जैसे सीता मैया का चीरहरण हुआ, वही लोग अब प्रजातंत्र का चीरहरण करना चाहते हैं। वो लोग हारेंगे। भाजपा प्रजातंत्र के चीरहरण में लगी है। हमने किसान आंदोलन का समर्थन राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए नहीं किया था। राज्यसभा चुनाव को लेकर सुरजेवाला ने कहा कि प्रजातांत्रिक बहुमत की जीत होगी। प्रजातंत्र का चीरहरण करने वाले लोग जो धनबल, ईडी, सीबीआई के बल पर यहां आए हैं। वो मुंह की खाएंगे।

बोले- आमदनी नहीं, दर्द  सौ गुना कर दिया

सुरजेवाला ने केंद्र सरकार के कृषि और किसानों को लेकर हुए निर्णय पर भी सवाल उठाए है। सुरजेवाला ने कहा, मोदी सरकार पर किसानों से विश्वासघात कर रही है। उन्होंंने बुधवार को जारी कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार में किसानों की आमदनी तो दोगुनी नहीं हुई लेकिन, दर्द सौ गुना कर दिया गया। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने 2022-23 के खरीफ फसलों के समर्थन मूल्यों को घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार समर्थन मूल्यों पर फसलों की खरीद नहीं कर रही। दूसरी तरफ महंगाई बढ़ रही।

एमएसपी खत्म करना   चाहती है सरकार

सुरजेवाला ने कहा कि किसान आंदोलन के चलते जो चीज मोदी सरकार सीधे लागू नहीं कर पाई। इसलिए फैसला किया गया है कि फसल मत खरीदें। ताकि एमएसपी खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी। वे बोले- किसानों की इनकम घटी है। किसान की आय वर्तमान में सिर्फ 27 रूपया प्रतिदिन है। सुरजेवाला ने पार्लियामेंट कमेटी की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि केंद्र सरकार ने कृषि विकास का 68 हजार करोड़ रूपया खर्च नहीं किया। वहीं खेती पर हर साल मोदी सरकार बजट कम करती है।


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