तीन साल से नहीं बढ़ी चीनी खपत – सालाना 19 किलो चीनी खाता है हर भारतीय

तीन साल से नहीं बढ़ी चीनी खपत
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में पिछले तीन साल से प्रति व्यक्ति चीनी की खपत नहीं बढ़ी है। सरकार का कहना है कि जिन्हें लगता है कि भारतीय ज्यादा चीनी खाते हैं, उनके ‘मिथकों एवं गलतफहमियोंÓ को दूर करने की जरूरत है क्योंकि इस दौरान सालाना चीनी की खपत 19 किलोग्राम प्रति व्यक्ति पर स्थिर है।

भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के पोर्टल को लॉन्च करते हुए खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने कहा, भारत दुनिया में चीनी के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में शामिल है। इसके बावजूद प्रति व्यक्ति खपत 19 किलोग्राम पर स्थिर है। यह वैश्विक औसत से 4.5 किलोग्राम कम है।

दुनिया में सालाना चीनी की खपत औसतन 23.5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति है। सितंबर में समाप्त विपणन वर्ष 2019-20 के दौरान देश में सालाना चीनी खपत 2.5-2.6 करोड़ टन रही, जबकि इस दौरान उत्पादन 2.75 करोड़ टन रहा।

चीनी के खिलाफ अभियान गलत

खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि भारत में चीनी और इसके उत्पादों के खिलाफ अभियान चल रहा है, जिसमें इसे मोटापे और मधुमेह का मुख्य कारण बताया जा रहा है। यह गलत है। हम चीनी उत्पादन के अग्रणी देश हैं, जबकि खपत बहुत कम है क्योंकि अमीर लोग चीनी खाना नहीं चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि इजरायल में प्रति व्यक्ति चीनी की खपत 60 किलोग्राम है। अगर यह हानिकारक है तो इससे सभी विकसित और अन्य देशों को नुकसान पहुंचना चाहिए, जहां इसकी खपत वैश्विक औसत से ज्यादा है।


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