केन्द्र से वैक्सीन की बड़ी खेप मांगेगी प्रदेश सरकार

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कोरोना संक्रमण पर सीएम ने किया रिव्यू, 28 हजार ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड लगाए जा रहे

जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। प्रदेश सरकार केन्द्र से वैक्सीन की बड़ी खेंप मांगने की तैयारी में जुट गई है। ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन करके तीसरी लहर से लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही प्रदेश में मेडिकल इंस्टीट्यूट्स में 28 हजार ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स भी लगाए जा रहे हैं। राजस्थान में एक बार फिर कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोविड रिव्यू बैठक ली। सरकार ने प्रदेशभर में कोरोना के हालातों की समीक्षा की। जिसके बाद महामारी से निपटने का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सीएम को बताया कि प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियां की जा रही हैं। राज्य में 550 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। जिनमें से 415 ऑक्सीजन प्लांट अब तक लगाए जा चुके हैं। जबकि 15 दिसम्बर तक 475 ऑक्सीजन प्लांट लगाने का टारगेट है। अलग-अलग इंस्टीट्यूट्स और अस्पतालों में 50 हजार ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मौजूद हैं।

28 हजार ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड,3 हजार वेंटीलेटर लगाए जा रहे

332 चिकित्सा संस्थाओं पर 1600 एचडीयू बेड्स लगाने का काम 15 दिसम्बर तक पूरा करने का टारगेट है। 48 मेडिकल इंस्टीट्यूट्स पर 544 आईसीयू बेड लगाने का काम 15 दिसम्बर तक पूरा करने का टारगेट है। जबकि 28 हजार ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड और 3 हजार से ज्यादा वेंटीलेटर भी लगाए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में एनआईसीयू,पीआईसीयू और आईसीयू बेड बढ़ाने की कवायद की जा रही है। दिसम्बर महीने के आखिर तक 2500 से ज्यादा नीकू और पीकू बेड्स बच्चों के लिए और 2500 से ज्यादा आईसीयू बेड्स हो जाएंगे। ये जिला और निचले लेवल के अस्पतालों को बेड्स के अलावा हैं।

84.1 फीसदी लोगों को पहली,54 फीसदी को कोविड वैक्सीन दूसरी डोज लगी

राजस्थान में 84.1 फीसदी लोगों को कोविड वैक्सीन की पहली डोज और 54 फीसदी लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। ऑल इंडिया लेवल से यह ज्यादा है। ऑल इंडिया लेवल पर पहली डोज 83.16 फीसदी लोगों के लगी है। दूसरी डोज 46.1 फीसदी औसत तौर पर पूरे भारत में लगी है।

आरटी-पीसीआर टेस्टिंग बढ़ाने,कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर फोकस

अस्पतालों और सीएचसी में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग बढ़ाने, कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, ज्यादा संक्रमित मिलने वाले एरिया में बैरिकेडिंग जैसे फैसले भी लिए जा सकते हैं। दरअसल, सरकार कोविड के बढऩे प्रकोप को देखते हुए और कड़ाई से प्रोटोकॉल की पालना के लिए आदेश जारी करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा,मुख्य सचिव निरंजन आर्य,प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार, डीजीपी, स्वास्थ्य विभाग,परिवहन विभाग के एसीएस-प्रमुख सचिव बैठक में शामिल रहे। मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल सम्भागीय आयुक्त,जिला कलेक्टर,एसपी और मेडिकल डिपार्टमेंट के सीनियर अफसर भी वीसी से जुड़ेंगे।

बच्चों को बुलाने का प्रेशर बनाया, तो स्कूलों पर होगा एक्शन

गृह विभाग की ओर से स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की पढ़ाई कराने की गाइडलाइंस जारी की गई है। रिव्यू बैठक में सरकार आगे की तैयारी करेगी। सभी जिलों में कोविड के हालातों का डाटा देखा जाएगा। कई स्कूलों में पैरेंट्स पर बच्चों को भेजने का दबाव बनाने,लिखित सहमति के लिए प्रेशराइज करने की भी सरकार को शिकायतें मिली हैं। जिला कलेक्टर्स को ऐसे स्कूलों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं।

आरटी-पीसीआर टेस्टिंग बढ़ाने,प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना की तैयारी

कोविड प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना,बाजारों में नो-मास्क नो एंट्री, विदेशों और बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों, मजदूरों के लिए यात्रा से 3 दिन पहले की आरटी-पीसीआर नैगेटिव जांच रिपोर्ट साथ लाने की अनिवार्यता, प्रदेश में बस स्टैंड,रेलवे स्टेशन, स्टेशन,एयरपोर्ट पर खास निगरानी और जांच काउंटर,अस्पतालों और सीएचसी में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग बढ़ाने, कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, ज्यादा संक्रमित मिलने वाले एरिया में बैरिकेटिंग जैसे फैसले भी लिए जा सकते हैं।


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