राज्य सरकार परियोजना को समय पर पूरा करवाने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

मूल विभाग में पद रिक्त नहीं होने पर नियुक्ति के लिए अब नहीं करना होगा इंतजार
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जयपुर (कासं)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि बाड़मेर में निर्माणाधीन पेट्रोलियम रिफाइनरी पूरे राजस्थान और विशेषकर पश्चिमी क्षेत्र के लोगों का एक बड़ा सपना है, जिसके साकार होने से राज्य के आर्थिक विकास नई बुलंदियों को छुएगा। राज्य सरकार इस परियोजना को समय पर पूरा करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए परियोजना की सहभागी कम्पनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के साथ सभी स्तर पर पूरा सहयोग करने के निर्देेश दिए। गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस माध्यम से रिफाइनरी परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा की। दो घण्टे से अधिक चली बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की ओर से एचपीसीएल कम्पनी की सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। सरकार इस परियोजना को हर हाल में तय समय पर पूरा करना चाहती है। ऐसा तभी संभव हो पाएगा, जब कम्पनी और सरकार एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य करें।

अधिकारियों को रिफाइनरी के कार्यों में पूरा सहयोग देने के निर्देश

गहलोत ने प्रसन्नता जाहिर की कि अभी तक परियोजना के निर्माण कार्य अपेक्षा से अधिक तेज गति से हुए हैं। कोविड-19 महामारी के कारण दुनियाभर में अलग-अलग समय पर लॉकडाउन जैसी स्थितियों के कारण इस काम में बाधाएं आईं। उन्होंने कहा कि फिर भी रिफाइनरी का काम लक्ष्य के अनुरूप ही आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को रिफाइनरी के काम में उनकी भूमिका के विषय में पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना के निर्माण कार्यों की गति बनी रहे। मुख्यमंत्री ने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों से परियोजना क्षेत्र के गांवों में अपेक्षित विकास कार्यों में भी गति लाने को कहा ताकि स्थानीय लोगों का परियोजना के साथ लगाव बढ़े और स्थानीय समुदाय इस प्रोजेक्ट के सहभागी बने। पश्चिमी राजस्थान के निवासियों के लिए बाड़मेर रिफाइनरी एक बड़ा सपना है, जिसके लिए उन्होंने बहुत लम्बा इंतजार और संघर्ष किया है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश सुराणा ने बताया कि कोविड-19 महामारी का रिफाइनरी प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मार्च में महामारी से ठीक पहले 3800 लोग निर्माण कार्यों में जुटे थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान काम बंद करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में परियोजना की स्थापना के कार्यों में और  तेजी लाकर समय के अंतराल को पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस प्रोजेक्ट पर लगभग 5200 लोग काम कर रहे हैं और आने वाले तीन माह में इनकी संख्या 10 हजार से अधिक हो जाएगी।

राजस्थान रिफाइनरी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेखर गायकवाड़ ने रिफाइनरी परियोजना की विशेषताओं, कोविड-19 के असर, निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रोजेक्ट के निर्माण पर 4700 करोड़ रूपए से अधिक का व्यय हो चुका है और विभिन्न निर्माण सामग्री के लिए 23 हजार करोड़ रूपए से अधिक के कार्यादेश दिए जा चुके हैंं।

गायकवाड़ ने बताया कि परियोजना पर महामारी के प्रभाव का आकलन किया जा रहा है और शीघ्र ही इस विषय में एक रिपोर्ट राज्य सरकार के साथ साझा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट साइट पर अधिकारियों और कार्मिकों सहित कुल 73 लोग कोरोना से संक्रमित हुए और सभी ठीक भी हो गए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से जुड़े हैल्थ प्रोटोकॉल की पूरी पालना की जाती है तथा वहां काम कर रहे लोगों को समय-समय पर संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाता है। खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कम्पनी तथा राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोग एक-दूसरे का सहयोग करेंगे, तभी रिफाइनरी का काम तय समय पर पूरा हो पाएगा। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम को रिफाइनरी प्रोजेक्ट के आसपास के क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी लानी चाहिए। इससे प्रोजेक्ट में लगे अधिकारियों और कार्मिकों का स्थानीय समुदाय के साथ तालमेल बढ़ेगा। मुख्यमंत्री के सलाहकार गोविन्द शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव आन्नद कुमार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश यादव, जल संसाधन विभाग के सचिव नवीन महाजन, रीको के प्रबंध निदेशक आशुतोष पेडनेकर, प्रबंध निदेशक कौशल एवं आजीविका विकास निगम बिष्णु चरण मलिक ने भी बैठक के दौरान चर्चा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर जिला कलक्टर बाड़मेर, जोधपुर विकास आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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