Wednesday , 15 August 2018
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सिंधू का विश्व चैंपियन बनने का सपना फिर टूटा

ओलंपिक चैंपियन से पुन: फाइनल में हारी

नानङ्क्षजग। 2016 के रियो ओलम्पिक, 2017 की विश्व चैंपियनशिप, 2018 की विश्व चैंपियनशिप…लगातार तीसरे वर्ष भारत की शीर्ष खिलाड़ी पीवी ङ्क्षसधू का बड़ा खिताब जीतने का सपना टूट गया। ङ्क्षसधू को स्पेन की कैरोलिना मारिन ने रविवार को लगातार गेमों में 21-19 21-10 से हराकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।
ङ्क्षसधू को रियो ओलम्पिक के फाइनल में मारिन से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। गत वर्ष वह विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा से हार गयीं थीं और इस बार फाइनल में उन्हें मारिन ने पराजित कर दिया। मारिन ने खिताबी मुकाबला मात्र 45 मिनट में जीत लिया।
ङ्क्षसधू के लिए फाइनल की बाधा तोडऩा लगातार मुश्किल होता जा रहा है। ओलम्पिक का फाइनल, दो विश्व चैंपियनशिप का फाइनल और इस साल राष्ट्रमंडल खेलों का फाइनल… चार ऐसे बड़े टूर्नामेंट हो चुके हैं जहां ङ्क्षसधू खिताब के करीब पहुंच कर खिताब से दूर रह गयीं हैं।
ङ्क्षसधू का विश्व चैंपियनशिप में यह लगातार दूसरा रजत और ओवरआल चौथा पदक है। भारत का विश्व चैंपियनशिप में यह आठवां पदक है लेकिन उसका पहला स्वर्ण पदक जीतने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इन आठ पदक में तीन रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। सायना नेहवाल ने एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है।
तीसरी बार चैंपियन बनी मारिन ने 2015 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भारत की सायना नेहवाल को हराया था। उन्होंने इससे पहले 2014 के फाइनल में चीन की ली जुईरुई को हराकर खिताब जीता था।
ङ्क्षसधू का इस हार के बाद विश्व रैंङ्क्षकग में आठवें नंबर की खिलाड़ी मारिन के खिलाफ 5-7 का करियर रिकॉर्ड हो गया है। ङ्क्षसधू ने इस साल मलेशिया ओपन में मारिन को हराया था लेकिन वह विश्व चैंपियनशिप में मारिन से पार नहीं पा सकीं।
तीसरी सीड ङ्क्षसधू ने सातवीं सीड मारिन के खिलाफ पहले गेम में शुरूआत में बढ़त बनायीं लेकिन 11-15 के स्कोर पर मारिन ने लगातार पांच अंक लिए और 16-15 से आगे हो गयीं। ङ्क्षसधू ने फिर 18-17 की बढ़त बनायी लेकिन मारिन ने फिर वापसी करते हुए पहला गेम 21-19 से जीत लिया।
दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी मारिन के सामने बिल्कुल भी नहीं टिक पाई। मारिन ने दूसरे गेम में 5-0 से बढ़त बनायीं और लगातार बढ़त मजबूत करते हुए मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। ङ्क्षसधू का दूसरे गेम में खेल पूरी तरह उखड़ा हुआ था और वह लगातार गलतियां कर मारिन को अंक दे रही थीं। ङ्क्षसधू ने यह गेम 10-21 से गंवा दिया और इसके साथ ही मारिन तीसरी बार विश्व चैंपियन बन गयीं।
पुरूष एकल का खिताब छठी सीड जापान के केंतो मोमोता ने तीसरी सीड चीन के शी यूकी को 49 मिनट में 21-11 21-13 से हराकर जीता।

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