सौम्या ने 241 दिन निलंबन के बाद फिर संभाली मेयर की कुर्सी , जयपुर नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय छावनी में तब्दील

Soumya again took over the Mayor's chair after 241 days suspension, Jaipur Municipal Corporation converted into a Greater Headquarters Cantonment
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। नगर निगम ग्रेटर जयपुर की राजनीति में बुधवार को फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पिछले साल 6 जून को मेयर पद से निलंबित हुई सौम्या गुर्जर ने आज सुप्रीम कोर्ट से मिले आदेशों के बाद मेयर की कुर्सी संभाल ली है। कार्यवाहक मेयर शील धाभाई की गैर मौजूदगी में सौम्या गुर्जर ने महापौर का पद ग्रहण किया। इससे पहले सौम्या गुर्जर ने सुबह भाजपा मुख्यालय जाकर वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की। 241 दिन बाद सौम्या गुर्जर नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय आई। वहीं, सौम्या गुर्जर के चार्ज दोबारा लेने को लेकर चल रही सुगबुगाहट के बीच सुबह से नगर निगम में हलचल मची हुई थी। सुरक्षा देखते हुए पुलिस और होमगार्ड के जवान पहले से तैनात हो गए। निगम परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। दरअसल, सौम्या गुर्जर के पक्ष में सोमवार एक फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया था। इस आदेशों में कोर्ट ने न्यायिक जांच पूरी होने तक सौम्या गुर्जर को महापौर पद पर बने रहने के योग्य मानते हुए राज्य सरकार के 6 जून 2021 के आदेशों पर स्टे दे दिया था।

गहलोत सरकार ने 6 जून 2021 को सौम्या गुर्जर को मेयर पद और अन्य तीन पार्षदों को आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ हुए विवाद के बाद निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच भी शुरू करवा दी। सरकार के निलंबन के फैसले को सौम्या गुर्जर ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण में न्यायिक जांच होने तक दखल देने और निलंबन के आदेशों पर स्टे देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट के राहत नहीं मिलने के बाद सौम्या के समर्थन में भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को चुनौती दी थी।

2 दिन पहले धाभाई का कार्यकाल 60 दिन के लिए बढ़ाया था

गहलोत सरकार ने 31 जनवरी को ही कार्यवाहक मेयर शील धाभाई के कार्यकाल को अगले 60 दिन के लिए बढ़ाया था। ये चौथी बार था जब सरकार ने शील धाभाई का कार्यकाल को बढ़ाया। इससे पहले सरकार ने दिसंबर में आदेश जारी करके हुए 60 दिन के लिए कार्यकाल बढ़ाया था, जो आज एक फरवरी को पूरा हो रहा था।


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