बर्फीळो राजस्थान- फसलों पर बर्फ, नलों में पानी जम गया, इतिहास की सबसे ठंडी रात फतेहपुर -5.2

Snowy Rajasthan - Snow on crops, water in taps froze
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जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। प्रदेश में सबसे ठंडे माने जाने वाले फतेहपुर में शनिवार की रात इतिहास की सबसे ठंडी रात रही। न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। ये अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड है। इससे पहले साल 2014 में 30 दिसंबर को यहां तापमान माइनस 4.6 डिग्री दर्ज किया गया था। पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते लगातार तीसरे दिन भी फतेहपुर में न्यूनतम तापमान माइनस में रहने के साथ ही शीतलहर के चलते लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। दूसरे दिन भी खुले स्थानों पर तालाब, खेतों में पाइप के अंदर पानी जम गया।

घने कोहरे और बूंदाबांदी की संभावना

कृषि अनुसंधान केंद्र फतेहपुर के अधिकारी ने बताया कि केंद्र पर रविवार को रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री दर्ज किया गया है। जो अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। फतेहपुर में लगातार तीसरे दिन न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया। फिलहाल एक-दो दिन इलाके में हल्की बूंदाबांदी और घने कोहरे जैसी स्थिति होने की भी संभावना है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि तापमान में कमी आने के साथ ही फसलों और सब्जियों में नुकसान होना शुरू हो जाता है। पिछले 2 दिनों के दौरान पड़ी तेज सर्दी के चलते जिले में कई स्थानों पर टमाटर जैसी फसलों का नुकसान भी हुआ है।

कई जिलों में पारा माइनस में पहुंचा

राजस्थान में सर्दी का सितम आम आदमी के लिए परेशानी का कारण बन गया है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं से तापमान में बड़ी गिरावट आई है। इसकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में तापमान माइनस में चला गया है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में अगले 48 घंटों में सर्दी का सितम और बढऩे की संभावना है।

हिमाचल, कश्मीर, उत्तराखंड के मैदानों में बर्फ जमने जैसा नजारा रविवार को राजस्थान के कई शहरों में देखने को मिला। शीतलहर चलने और गलनभरी सर्दी के कारण सीकर, चूरू, चित्तौडग़ढ़ (केवीके), माउंट आबू, फतेहपुर, जयपुर के जोबनेर में पारा माइनस में चला गया। इस साल पहली बार ऐसा हुआ जब फतेहपुर के अलावा चार और जगहों पर पारा जीरो से नीचे चला गया। शेखावाटी अंचल, हिल स्टेशन माउंट आबू, जयपुर समेत कई जगह खुले इलाकों में बर्फ जम गई। वहीं, बीती रात सबसे कम तापमान फतेहपुर में माइनस 5.2 दर्ज किया गया, जो इतिहास में अब तक का सबसे कम है।

बीती रात चूरू में माइनस 2.6, माउंट आबू में माइनस 1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। आबू में सुबह 9 बजे तक मैदानों में बर्फ जमी नजर आई। यहां अमूमन पारा 0 के बाद एक-एक डिग्री की गिरावट के साथ माइनस में जाता है। माउंट आबू के मैदानों में और नक्की झील के किनारे बर्फ परत जमी नजर आई। इसके अलावा पिलानी, हनुमानगढ़, नागौर, भीलवाड़ा में तापमान 0 से 1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। जयपुर के जोबनेर में खेतों में सिंचाई के लिए लगे पानी के पाइपों में से पानी की जगह बर्फ के टुकड़े निकले। सीकर के फतेहपुर शेखावाटी में घरों के बाहर खुले में बर्तनों में रखा पानी जम गया। वहीं, जैसलमेर में खेतों में लगे पाइप से निकला पानी भी जम गया। ठंड का आलम यह है कि पत्तों पर गिरी ओस की बूंदें भी जम गईं।

एक्सपर्ट ने बताया ऐसे बचाएं फसलों को

फतेहपुर एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन प्रो. शीशराम ढाका ने बताया कि तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने के बाद सब्जियों की फसलों में पाला पडऩा शुरू हो जाता है। टमाटर, बैंगन, मिर्ची, गोभी जल्दी नष्ट होने की वाली फसलें है। रबी की फसल जैसे गेहूं, सरसों, चना, अलसी, जीरा, धनिया, आदि पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इसे रोकने के लिए गंधक के तेजाब का 0.1 फीसदी मिलाकर उसका छिड़काव करना चाहिए।


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