बर्फबारी: हाईवे समेत कई सड़कें बंद, ऊपरी शिमला से संपर्क कटा

Snowfall: Many roads including highway closed, contact with upper Shimla cut off
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शिमला (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में बीती रात से जारी भारी बारिश और बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शिमला शहर में सभी सड़कें यातायात के लिए ठप हो गई हैं। कुफरी में सबसे अधिक पांच फीट, डलहौजी में ढाई फीट तक बर्फबारी रिकॉर्ड हुई है। प्रदेश में 500 से अधिक सड़कें, 1000 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर और 270 से अधिक पेयजल योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। राजधानी शिमला का ऊपरी शिमला से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति, किन्नौर सहित कुल्लू, चंबा, मंडी और शिमला जिला में बर्फबारी का दौर जारी है। भारी बर्फबारी से सिराजघाटी मंडी जिले से कट गई है। बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से प्रदेश के सैकड़ों गांवों में ब्लैक आउट हो गया है। प्रदेश के मैदानी जिलों में शनिवार रात से भारी बारिश जारी है। बारिश और बर्फबारी होने से प्रदेश के तापमान में भी कमी दर्ज हुई है। शनिवार रात को प्रदेश के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को भी प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने की चेतावनी जारी की है।

शिमला-चंडीगढ़, शिमला-मंडी और शिमला-रामपुर हाईवे बंद हो गया है। ठियोग-चोपाल रोड, ठियोग-रोहड़ू रोड, ठियोग-रामपुर रोड, शिमला-ठियोग रोड कुफरी-गालू-फागू के पास बर्फबारी के कारण अवरूद्ध है। इसके अलावा शिमला शहर की सड़कें भी बर्फबारी के कारण अवरूद्ध हैं। शिमला पुलिस ने लोगों से अपील कि है कि रात के समय उपरोक्त मार्गों पर यात्रा न करें। आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए पुलिस सहायता कक्ष 01772812344, 112 या नजदीकी पुलिस थाना में संपर्क करें। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के कर्मचारी सड़कों से बर्फ हटाने में जुटे हुए हैं। बाहरी क्षेत्रों के लिए बस सेवा पूरी तरह ठप है।

शिमला से कालका के लिए रेल का संचालन जारी है। लाहौल, कुल्लू और किन्नौर जिले के कई इलाकों में हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी हुई है। बर्फबारी से जिला कुल्लू में एक एनएच समेत 20 से अधिक सड़कों पर यातायात अवरूद्ध है। जिला कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र मुल्थान और बरोट में हिमपात हो रहा है।

वहीं लगातार हो रही बारिश से सोलन-बड़ोग रेलवे स्टेशन के बीच डंगा भरभराकर रेलवे लाइन पर गिर गया। डंगे के टूट जाने से भारी मात्रा में पत्थर रेल ट्रैक पर गिर गए। इससे रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। रेलकार मौके पर फंस गई। कड़ाके की ठंड के बीच रेल यात्रियों को ठिठुरने पर मजबूर होना पड़ा।


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