राज्यसभा उपसभापति के बचाव में आए केंद्र के छह मंत्री

राज्यसभा उपसभापति के बचाव में आए केंद्र के छह मंत्री
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नई दिल्ली (एजेंसी)। राज्यसभा में रविवार को किसान बिल पर हुए हंगामे के करीब साढ़े नौ घंटे बाद मोदी सरकार के छह बड़े मंत्रियों ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इनमें राजनाथ सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, प्रहलाद जोशी, पीयूष गोयल, थावर चंद गहलोत और मुख्तार अब्बास नकवी शामिल रहे। इसमें दो मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्तार अब्बास नकली करीब 15 मिनट बोले।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- राज्यसभा में आज जो कुछ भी हुआ है, वह दुखद था। मैं जानता हूं कि सदन की कार्यवाही चलाने के लिए सत्तापक्ष की जिम्मेदारी बनती है, लेकिन यह जिम्मेदारी विपक्ष की भी बनती है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह का अनादर करने के मुद्दे पर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह घटना काफी गलत थी। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। यह दुखद थी, संसदीय मर्यादा का उल्लंघन हुआ, उपसभापति के साथ किया गया आचरण गलत था, आसन पर चढऩा, रूल बुक फाडऩा काफी दुखद था। इससे न केवल उनकी प्रतिष्ठा को बल्कि संसदीय लोकतंत्र को भी चोट पहुंची है। राजनाथ सिंह ने कहा, आज राज्यसभा में दो कृषि विधेयकों के ऊपर हुई चर्चा के दौरान कुछ विपक्ष के नेताओं द्वारा किए गए जिस तरह का असंसदीय व्यवहार किया गया, उसको मैं बेहद दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और उससे भी बड़ी बात शर्मनाक मानता हूं। आज तक भारत के संसदीय इतिहास में कभी नहीं हुआ था कि आसन के सामने सदन की नियम पुस्तिका को फाड़ा गया हो, माइक को तोड़ा गया हो, आसन की मेज पर चढ़कर अशोभनीय हरकतें की गई हों।

राजनाथ सिंह ने कहा, जो आज राज्यसभा में अशोभनीय व्यवहार हुआ है, उसमें निश्चित रूप से संसदीय गरिमा का नुकसान हुआ है। संसदीय लोकतंत्र में मर्यादाओं का बड़ा ही अहम स्थान है, जब संसदीय मर्यादाएं टूटती है तो लोकतंत्र की परम्पराएं भी शर्मसार और तार-तार होती है। कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा उपसभापति के साथ जिस तरह का आचरण किया गया है, मैं उसकी भत्र्सना करता हूं।

खत्म नहीं होगी एमएसपी

इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कृषि बिल पर कहा कि दोनों विधेयक ऐतिहासिक है। केवल भ्रामक तथ्यों के आधार पर किसानों को गुमराह किए जाने की कोशिश की जा रही है। इन बिल से किसानों की आय बढ़ेगी। किसानों की आय दोगुना करने की तरफ यह बड़ा कदम है। एमएसपी और एपीएमसी को खत्म नहीं किया जा रहा है।

दरअसल, राज्यसभा में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पास हो गए हैं। बिल ध्वनि मत से पास हुए। इस दौरान विपक्ष के जरिए काफी हंगामा भी किया गया। वहीं अब बिल को लेकर मोदी सरकार विपक्ष पर हमलावर हो रही है।


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